कुशीनगर, लखनऊ समेत देश के अलग-अलग शहरों से गिरफ्तार किए गए आईएसआईएस के 14 संदिग्ध आतंकियों से मुंबई एटीएस, एनआईए सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। ये सभी आतंकी सीरिया के यूसुफ के संपर्क में थे। यूसुफ कौन है और उसके भारत में और किन-किन लोगों से संपर्क हैं, इसकी पड़ताल के लिए एजेंसियां अमेरिकी खुफिया एजेंसी की भी मदद ले रही हैं।
एजेंसियों को आशंका है कि यूसुफ आईएम के सह संस्थापक यासीन भटकल का भाई रियाज या फिर सुभान है। भारत में आईएम के पुराने नेटवर्क के जरिये भारत के युवाओं को आईएसआईएस से जोड़ने का टास्क उसे ही दिया गया है।
कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र के मैथिया निवासी लेखपाल निजामु्दीन के बेटे रिजवान को एटीएस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में बताया था फेसबुक के जरिए सीरिया के यूसुफ से उसकी दोस्ती हुई थी। उसके बाद उनके बीच कई बार फोन पर बात हुई थी।
रिजवान को जेहाद के लिए प्रेरित किया जाता था। यूसुफ कुशीनगर के रिजवान के अलावा अन्य 13 संदिग्ध आतंकियों के संपर्क में था। सभी को धन भी उपलब्ध कराया गया था। इन्हीं आतंकियों के जरिए यूसुफ जनवरी में देश में सात स्थानों पर धमाके कराना चाहता था।
आपरेशन का नाम सात कलश रख दिया गया था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने इसे डिकोड करते हुए एनआईए को इसकी जानकारी दी थी। यूसुफ के बारे में जानकारी जुटाने के लिए फिर सीआईए की मदद ली जा रही है। सूत्रों की मानें तो आईएम के आतंकी आईएसआईएस के लिए काम कर रहे हैं। ऐसे में भारत के युवाओं को आईएसआईएस से जोड़ने का काम आईएम के चीफ रहे यासीन भटकल के भाई को दिया गया है। इन्हीं दो भाइयों में से एक का नाम यूसुफ के तौर पर बताया जा रहा है।
यासीन भटकल ने अपने भाई रियाज और अब्दुल सुभान कुरैशी के साथ मिलकर इंडियन मुजाहिदीन की स्थापना की थी। सबसे पहले पुणे के जर्मन बेकरी में हुए हमले में यासीन का नाम सामने आया था। यासीन और उसके साथी असदुल्ला अख्तर को नवंबर 2013 में भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया था।
इसके कुछ दिनों बाद ही बताया गया था कि रियाज की असम में हत्या कर दी गई। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई थी। भटकल का नाम दिल्ली में 2008 में हुए बम धमाक ों में आया था। बाटला हाउस कांड में भी उसका नाम आया था। बाटला हाउस कांड के आरोपी आईएम से ही जुड़े हुए थे।