11 अगस्त की रात रामपुर जिले के पांच पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार पूर्वांचल में D-9 नाम से कुख्यात गैंग का सरगना सुजीत सिंह ‘बुढ़वा’ शुक्रवार की शाम आजमगढ़ जिले के गजहड़ा गांव में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उसका एक साथी भाग निकला।
सुजीत की गोली से एसओ मुबारकपुर सहित तीन पुलिसवाले घायल हो गए। इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अभिरक्षा से सुजीत के फरार होने के बाद से ही आजमगढ़ और रामपुर की पुलिस उसे तलाश रही थी।
बुढ़वा पर आजमगढ़, मऊ समेत आसपास के जिलों में 40 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। फरारी के बाद एडीजी वाराणसी की तरफ से उस पर 15 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था जिसे बढ़ा कर 50 हजार करने के लिए डीजीपी को रिपोर्ट भेजी गई थी।
एसपी अजय कुमार साहनी के मुताबिक शहर कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह शुक्रवार की दोपहर अपनी टीम के साथ शारदा चौक पर वाहन चेक कर रहे थे। तभी एक बाइक पर सवार दो बदमाश आए। चालक ने हेलमेट लगा रखा था जबकि पीछे बैठे बदमाश ने अपना मुंह बांध रखा था।
पुलिस ने बाइक रोकने का इशारा किया तो पीछे बैठे बदमाश ने गोली चला दी जो सिपाही आनंद के हाथ में लग गई। इसके बाद बदमाश सिधारी पुल होते हुए मुबारकपुर की तरफ भाग निकले। शहर कोतवाल का वायरलेस पर मैसेज सुन कर एसओ मुबारकपुर अनूप शुक्ला ने टीम के साथ आगे घेराबंदी कर दी थी पर सठियांव चौराहे पर पुलिस को देख बदमाशों ने बाइक घुमा दी और मुबारकपुर थाने के गजहड़ा गांव में स्थित खाली पड़े कांशीराम आवास कालोनी में घुस गए।
इनके पीछे शहर कोतवाल, एसओ मुबारकपुर और स्वाट टीम भी वहां पहुंच गई। इसी बीच एक बदमाश दीवार की आड़ से फायरिंग करने लगा। उसकी गोली से एसओ मुबारकपुर और स्वाट का सिपाही अवधेश सिंह घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश ढेर हो गया जबकि दूसरा भाग निकला।
मारे गए बदमाश की पहचान मऊ जिले के चिरैयाकोट थाने के अलदीमऊ गांव निवासी सुजीत सिंह ‘बुढ़वा’ के रूप में की गई। एसपी ने बताया कि सुजीत ने 11 अगस्त की रात मऊ से रामपुर जिले में जाते समय पुलिसवालों से शौच का बहाना बनाकर गाड़ी रुकवाई और धक्का देकर फरार हो गया था।
तभी से आजमगढ़ और रामपुर जिले की पुलिस उसे तलाश रही थी। इसके पूर्व इसी गिरोह का सदस्य जयहिंद यादव तीन अगस्त को मेंहनगर क्षेत्र के रामदास कुटी के पास मुठभेड़ में मारा जा चुका है।