बाबा जय गुरुदेव के अनुयाइयों की जनजागरण शोभायात्रा के दौरान शनिवार को राजघाट पुल पर मची भगदड़ में 25 श्रद्धालुओं की मौत के मामले में अधिकारियों पर गाज गिरने का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। रविवार को एसएसपी आकाश कुलहरि को हटाकर लखनऊ स्थित यातायात निदेशालय के डायल 100 प्रोजेक्ट में पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। कुलहरि के स्थान पर अब तक मुरादाबाद में तैनात नितिन तिवारी को नया एसएसपी बनाया गया है।
इसके अलावा एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय और सिटी मजिस्ट्रेट बीबी सिंह को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डीएम विजय किरन आनंद को भी हटाने के निर्देश दिए हैं लेकिन इस समय मतदाता पुनरीक्षण का काम चलने के कारण डीएम को हटाने के लिए चुनाव आयोग की अनुमति जरूरी है। सरकार ने नए डीएम के लिए अफसरों के नामों का पैनल आयोग को भेज दिया है। इजाजत मिलने के बाद नए डीएम की तैनाती हो जाएगी। समझा जाता है कि मामले में कुछ और अधिकारियों पर गाज जल्दी ही गिरेगी।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर मौका-मुआयना के लिए पहुंचे प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा, डीजीपी जावीद अहमद और एडीजी लॉ एंड आर्डर दलजीत सिंह चौधरी यहां कैंप कर गए थे। प्रारंभिक जांच-पड़ताल के बाद भीड़ का आकलन न कर पाने व समुचित प्रबंधन न करने के कारण एसपी सिटी सुधाकर यादव, एसपी ट्रैफिक कमल किशोर, डिप्टी एसपी राहुल मिश्रा के अलावा एसओ रामनगर अनिल सिंह और एसओ मुगलसराय विनोद यादव को शनिवार देर रात डीजीपी के आदेश पर सस्पेंड किया गया था। इलाहाबाद में तैनात राजेश यादव को एसपी सिटी और 27वीं वाहिनी पीएसी में उप सेनानायक रामभवन चौरसिया को एसपी ट्रैफिक बनाया गया है। बता दें कि मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना में जो अधिकारी दोषी मिलेंगे, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।