यूपी के सोनभद्र जिले में एक झोलाछाप डॉक्टर ने महिला की बच्चेदानी निकाल दी। महिला ने अपनी भूमि और जेवर बेचकर दवा का खर्च दिया लेकिन आराम नहीं हुआ। रुपये के अभाव में अब दवा बंद है। सोमवार को अचानक महिला की हालत खराब हो गई।
स्थानीय कांग्रेस नेता पीड़िता को सीएमओ के पास ले गए। सीएमओ डॉ. केजी सिंह ने उसे जिला अस्पताल भिजवाया। यहां डॉक्टर ने महिला की गंभीर हालत देख उसे बीएचयू वाराणसी रेफर कर दिया।
उधर, सीएमओ ने एसीएमओ को अस्पतालों की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दे दिया है। दुद्धी कोतवाली के एक गांव निवासी पीड़िता ने सीएमओ को बताया कि वर्ष 2016 में दुद्धी स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार कराने के लिए गई थी।
वहां के डॉक्टर ने बच्चादानी में रोग होने की बात कहते हुए अपने एंबुलेंस से राबर्ट्सगंज स्थित एक प्राइवेट अस्पताल भेज दिया। परिजनों ने जमीन और जेवर बेचकर अस्पताल संचालकों को कई किश्तों में करीब दो लाख रुपये दिए।
वहीं डॉक्टर ने बच्चादानी का गलत ढंग से ऑपरेशन कर निकाल दिया। इसके बाद डॉक्टर ने छह माह तक दवा चलने की बात कहते हुए उसे छुट्टी दे दी। महिला ने बताया कि जिस स्थान पर ऑपरेशन हुआ है वहां से ब्लड और मवाद निकल रहा है।
सीएमओ डॉ. केजी सिंह ने कहा कि एसीएमओ डॉ. यूपी पांडेय को जिन अस्पतालों में महिला का उपचार हुआ है उनकी जांच कर करने का निर्देश दिया गया है।