कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह ने नौ गवाह पेश किए। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद दोषी पाए गए घनश्याम को हत्या के प्रयास में पांच वर्ष की सजा और अन्य को तीन-तीन वर्ष की सजा और तीन-तीन हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। ध्रुवचंद के नाबालिग होने के चलते उसकी पत्रावली कशोर न्याय बोर्ड भेजी गई।