इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि आयोग की कार्यप्रणाली, परीक्षाएं आयोजित करने संबंधी प्रावधान और प्रश्न पत्रों के मुद्रण के संबंध में डॉ अनिरुद्ध से पूछताछ की गई। प्रकरण की विवेचना जारी है और सामने आए तथ्यों के आधार पर आयोग से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पेपर कहां छपेगा इसमें हमारी भूमिका नहीं :
यूपीपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं के पेपर कहां छपेंगे, इसकी जानकारी चेयरमैन को नहीं होती है। यह जानकारी देते हुए डॉ. अनिरुद्ध ने एसआईटी को बताया कि परीक्षा और पेपर के छपने के संबंध में हमारी कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं थी। इसकी सारी जिम्मेदारी परीक्षा नियंत्रक के पास होती है।
जांच समिति नहीं की गठित, सिर्फ कागज आगे बढ़ा दिया :
एसआईटी में शामिल पुलिस अधिकारियों के अनुसार डॉ अनिरुद्ध से पूछा गया कि जब परीक्षा में धांधली की जानकारी हुई तो उन्होंने आंतरिक जांच समिति गठित क्यों नहीं की। इस सवाल का वह सटीक जवाब नहीं दे सके। उनसे पूछा गया कि जब मामला उजागर हुआ तो उन्होंने क्या किया तो उन्होंने बताया कि अपने नीचे के लोगों के ध्यानार्थ कागज को भेज दिया था। पूछा गया कि एसटीएफ ने इस संबंध में आयोग से पत्राचार किया था तो क्या कार्रवाई की गई, इस पर भी वह कोई ठोस जवाब नहीं दे सके।