रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के गृह जनपद में देश की सुपर वीवीआईपी पटना राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में रविवार को तड़के हुई डकैती ने रेलवे के अफसरों को दिन भर हलकान किए रखा। घटना के बाद तीन जिलों की आरपीएफ और जीआरपी की टीमें गहमर स्टेशन पहुंचकर छानबीन करने में दिनभर जुटी रहीं।
टीमों ने होम सिग्नल से लगायत रेलवे ट्रैक के आधा किलोमीटर तक आसपास के खेतों में घटना से जुड़े साक्ष्यों की तलाश की। काफी प्रयास के बाद भी टीम को कोई साक्ष्य हासिल नहीं कर पाई। डकैती की घटना को चोरी में दर्ज करने की जीआरपी पटना की कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं होती रही।
राजधानी एक्सप्रेस में डकैती की घटना की सूचना मिलते ही दानापुर मंडल के सुरक्षा अधिकारियों के निर्देश पर बक्सर, पटना और दिलदारनगर आरपीएफ और जीआरपी पुलिस की टीम गहमर स्टेशन पहुंच गईं।
गहमर स्टेशन पहुंचने के बाद पुलिस टीम के सदस्यों ने स्थानीय स्टेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों से इस मामले की पूछताछ की। इसके बाद टीमें गहमर होम सिग्नल के पास पहुंची। वहां इस घटना से संबंधित साक्ष्य को एकत्र करने में लग गई। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी पुलिस टीम को घटना से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिला।
इसके बाद टीम के सदस्यों ने स्टेशन प्रबंधक से ट्रेन के रुकने की जानकारी ली। साथ ही स्टेशन के आसपास और रेलवे ट्रैक का भी गहनता पूर्वक निरीक्षण किया। इस संबंध में बक्सर जीआरपी के थानाध्यक्ष अकबर अली खान ने बताया कि जांच करने से पता चलता है कि वारदात गहमर होम सिग्नल के पास नहीं हुई है। यह घटना मुगलसराय जंक्शन के बाद हुई है।
स्टेशन मास्टर ने पूछताछ में बताया कि तकनीकी खराबी के कारण होम सिग्नल रेड होने से ट्रेन 25 मिनट रुकी हुई थी। ट्रेन रुकने के तुरंत बाद ही स्थानीय स्टेशन पर तैनात पोटर और आरपीएफ के सिपाही गए थे।
आरपीएफ पुलिस कर्मी ने टार्च की रोशनी में राजधानी एक्सप्रेस के सभी डिब्बों की जांच की। इस दौरान कोच के दरवाजे बंद थे।