कैंट थाना अंतर्गत हुकुलगंज में सराफ अवधेश सेठ को लक्ष्य कर की गई फायरिंग के मामले में पुलिस के रडार पर सहारनपुर जेल में निरुद्ध संतोष शुक्ला के गुर्गे हैं। पुलिस संतोष के उन गुर्गों को सूचीबद्ध करने में जुटी है, जो हाल में जमानत पर जेल से छूटे हैं। पुलिस के अनुसार फायरिंग का उद्देश्य लूट नहीं सिर्फ दहशत फैलाना था। गोली चलाने वाला बदमाश इलाके से वाकिफ था। उधर, घटना के बाद पुलिस ने सराफ को एक गनर मुहैया कराया है। हुकुलगंज क्षेत्र की चौकसी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने क्षेत्र के तीन छुटभैयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन सुराग हाथ नहीं लगा। मामले को लेकर कैंट थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मंगलवार को हुकुलगंज स्थित अपनी दूकान में अवधेश सेठ बैठे थे। अपराह्न लगभग 4:19 बजे बाइक सवार दो बदमाश दुकान के सामने आए। बाइक पर पीछे बैठे नकाबपोश ने एक राउंड फायरिंग की। इसके बाद दोनों पांडेयपुर की ओर आगे बढ़े। कुछ दूर बाद बाएं तरफ की गली में घुस गए। चर्चा रही कि घटना के बाद बदमाश माहौल देखने के लिए कुछ देर बाद दोबारा दूकान के सामने से गुजरे। बुधवार को अवधेश की दूकान पर एसएसपी नितिन तिवारी पहुंचे और जिस गली से बदमाश भागे थे उसका जायजा लिया। वहीं, घटना से घबराए इलाके के दूकानदारों ने तय किया है कि वे गुरुवार को आईजी रेंज से मिलकर बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग करेंगे।
बताते चलें कि वर्ष 2015 के नवंबर की शुरुआत में बदमाशों ने अवधेश के साले रामापुरा के भाजपा पार्षद शिव सेठ की गोली मारकर तुलसीपुर में हत्या कर दी थी। मामले में संतोष शुक्ला ने चंदौली की कोर्ट में समर्पण किया था। मगर, वारदात में संलिप्त रईस बनारसी, गुड्डू मामा और दीपक वर्मा सहित अन्य बदमाशों का आज तक पता नहीं लगा। शिव की हत्या के बाद उनके छोटे भाई सोनू को इतनी धमकियां मिली कि उन्होंने शहर छोड़ दिया। पुलिस के अनुसार शिव के परिवार के जिम्मेदार सदस्य के तौर पर अवधेश ही हैं, इसलिए दर्ज मुकदमे की पैरवी से पीछे हटने के लिए परिवार पर दबाव बनाने के क्रम में फायरिंग की गई है। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि तफ्तीश जारी है। जल्द घटना का खुलासा होगा। आरोपी जेल भेजे जाएंगे।