नक्सलियों की मदद से हमलाकर पुलिस कस्टडी से अपने चार साथियों को छुड़ाने की योजना बनाने वाले दस बदमाशों को रोहनिया पुलिस ने गुरुवार को बच्छांव स्थित सगरा तिराहा के समीप मुठभेड़ के बाद धर-दबोचा। उनकी तैयारी जिला जेल में बंद कुख्यात राजेश यादव उर्फ खूंटे, एजाज उर्फ सोनू, अजय यादव और अंकुर सिंह को पेशी पर कचहरी लाते समय पुलिस टीम पर हमला बोलकर उन्हें छुड़ाने की थी।
वे इसके लिए जिला जेल से कचहरी तक के रूट और परिसर की पूरी रेकी कर चुके थे। झारखंड के नक्सलियों से एसएलआर खरीदने की तैयारी थी। यह खुलासा गुरुवार को मीडिया के सामने पुलिस अधीक्षक (अपराध) त्रिभुवन सिंह ने किया। गिरफ्तार बदमाशों की निशानदेही पर नक्सलियों से खरीदे गए एसएलआर के 19 कारतूस, नाइन एमएम की एक और .32 बोर की दो पिस्तौल, सात तमंचा, 26 बुलेट, दो खोखे, 14 मोबाइल, चोरी की एक बोलेरो, दो बाइक के अलावा 20 हजार रुपये नगद बरामद किए गए।
जिन चार साथियों को छुड़ाने की तैयारी थी उनमें राजेश यादव उर्फ खूटे, शूटर एजाज और अजय वाराणसी जबकि अंकुर चंदौली का रहने वाला है। ये चारों बदमाश लालन सेठ हत्याकांड में जिला कारागार में निरुद्ध हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओ रोहनिया शिवानंद मिश्रा, क्राइम ब्रांच के बृजेश सिंह, राजीव रंजन उपाध्याय, अतुल नारायण सिंह, राकेश कुमार, ओम नरायन सिंह शामिल थे।