बीती 28 अगस्त को ठेकेदार अवधेश ने पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर के कार्यालय में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में दो जेई मनोज सिंह, यूएस पांडेय, तीन एई आशुतोष सिंह, एसडी मिश्रा, आरपी दूबे, चीफ इंजीनियर अंबिका सिंह और बिजली विभाग के इंस्पेक्टर के खिलाफ नामजद मुकदमा कैंट थाने में दर्ज है।
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मुकदमा दर्ज होने के बाद जुगाड़ का खेल शुरू हो गया है और हर स्तर पर शह और मात का खेल चल रहा है। कुछ बड़े अधिकारी पीडब्ल्यूडी के चहेतों को बचाने में लग गए हैं। यही नहीं बिना ऑनलाइन टेंडर चहेते ठेकेदारों से काम कराया गया है।