ठेकेदारों ने बताया कि प्रोजेक्ट लंबा खिंचने पर लागत काफी बढ़ जाती है, ऐसे में कई बार ठेकेदारों को मामूली मुनाफा होता है। इस पर अभियंता, ठेकेदारों से अपना मुनाफा छोड़ने की बात करते हैं। यह खेल लंबे समय से चल रहा है।
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अवधेश चंद्र श्रीवास्तव के प्रकरण में भी ऐसा ही कुछ था। कबीरचौरा में बन रहे एमसीएच विंग का निर्माण चार साल से चल रहा है। इस प्रोजेक्ट को 2017 में ही पूरा हो जाना था, लेकिन काम लंबा खिंचने से लागत बढ़ रही थी। मुनाफा कम हो रहा था। ठेकेदारों ने कहा कि इस मामले में 10 लाख रुपये कमीशन जेई को दिया गया था।