इसी गाड़ी से परियोजना प्रबंधक आए थे घूस लेने
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वाराणसी में परियोजना प्रबंधक योगेश्वर प्रसाद पांडेय को मंगलवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने उनके कार्यालय से 20 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा। योगेश्वर प्रसाद पांडेय बुधवार को सेवानिवृत्त हो रहे थे।
वो भेलूपुर थाना अंतर्गत जानकी नगर पटिया स्थित सीएंडडीएस यूनिट-24 के परियोजना प्रबंधक थे। विभागीय कर्मचारी उनके विदाई समारोह की तैयारियों में जुटे थे, मगर सब कुछ धरा का धरा रह गया।
उधर, योगेश्वर प्रसाद पांडेय का कहना था कि उन्हें विभागीय राजनीति में साजिश के तहत फंसाया गया है। प्रबंधक को गिरफ्तार कर भेलूपुर थाने में भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज कर पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। साथ ही परियोजना प्रबंधक की तलाशी में एक लाख रुपये और बरामद हुए जो उनके अपने थे।
छापेमारी करने वाली टीम ने उसे भी जब्त कर लिया है। चोलापुर के लश्करपुर निवासी राममिलन सिंह जलनिगम के ठेकेदार हैं। राममिलन का आरोप है कि उन्होंने बजरडीहा क्षेत्र के कब्रिस्तान की चहारदीवारी का निर्माण कराया था। उसी कार्य से संबंधित तीन लाख रुपये का भुगतान जलनिगम की इकाई सीएंडडीएस को करना था।
राममिलन का आरोप है कि महमूरगंज क्षेत्र की शिवराज नगर कॉलोनी निवासी परियोजना प्रबंधक योगेश्वर प्रसाद पांडेय ने उनसे दस प्रतिशत के हिसाब से 30 हजार रुपये की मांग की। 20 हजार मंगलवार को और शेष 10 हजार रुपये बाद में देना था।
राममिलन ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन से की। संगठन के अधिकारियों के निर्देश पर राममिलन सिंह 20 हजार रुपये के केमिकल युक्त नोट लेकर पहुंचे।
इसी दौरान भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम पहुंची और योगेश्वर प्रसाद पांडेय का हाथ धुलवाया तो नोटों में लगे केमिकल के कारण उनकी हथेलियों का रंग लाल हो गया।