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अधीक्षक को फंदे से लटकाने की थी तैयारी

Fri, 08 Apr 2016 02:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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 जिला कारागार में पिछले शनिवार को साढ़े सात घंटे तक हुए बवाल की अब तक की जांच में कई सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं। तत्कालीन जेल अधीक्षक आशीष तिवारी पर हमला कर उन्हें बंधक बनाने वाले बंदियों की तैयारी उन्हें फंदे से लटकाने की थी। कुर्सी पर बैठाकर अधीक्षक के हाथ-पैर बांध दिए गए थे। बैरक के पास स्थित पेड़ से रस्सी बांधकर उसका फंदा अधीक्षक के गले में डाल दिया गया था। गनीमत यही रही कि प्रशासन ने बंदियों की इस साजिश को समय रहते भांप लिया और किसी तरह की सख्ती करने के बजाय बैकफुट पर आकर उनकी मान-मनौव्वल की।
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घटना की एक तरफ मजिस्ट्रेटी जांच कराई जा रही है दूसरी तरफ डीआईजी जेल एसके श्रीवास्तव खुद इसकी विभागीय जांच कर रहे हैं। प्रशासन और जेल के अधिकारियों के अलावा बंदियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक छानबीन में पता चला है कि शनिवार की सुबह नौ बजे बवाल के बाद जब डीएम राजमणि यादव की अगुवाई में पुलिस और प्रशासनिक अमला वहां पहुंचा तो बंदियों ने बंधक बनाए गए जेल अधीक्षक को कुर्सी से बांधने के बाद उनके गले में फंदा डालकर उसे वहां स्थित पेड़ की डाल से बांध दिया था। प्रशासनिक टीम को जैसे ही इसकी जानकारी हुई वह बैकफुट पर आ गई और बंदियों की मांगें मानने के साथ ही उनके कहने पर सपा नेताओं तक को प्रशासन ने बुलवाया।


सात घंटे बाद जब सपा नेताओं ने बंधक बनाए गए अधीक्षक को बाहर निकाला तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस बारे में डीआईजी जेल एसके श्रीवास्तव ने कहा कि बवाल से जुड़े तथ्यों की छानबीन की जा रही है। इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। जांच पूरी होते ही रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी। उधर, मजिस्ट्रेटियल जांच कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट एसएन शुक्ला ने बताया कि बयान दर्ज किया जा रहा है। घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं पर छानबीन की जा रही है।
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