लंका थाने के समीप सोमवार को तीन युवक खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए नईबाजार खोजवा की शिक्षिका हर्षिता के बैग से तीन लाख रुपये के जेवरात ले उड़े। घटना से घबराई हर्षिता ने तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम और और गुरुधाम निवासी पिता सुरेश सिंह को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद पिता के साथ लंका थाने पहुंचीं हर्षिता को पुलिस ने काफी देर तक टरकाने की कोशिश की। इसी बीच थाने पहुंचे सीओ भेलूपुर ने मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश का निर्देश दिया तो पुलिस हरकत में आई। थाने के समीप दिनदहाड़े सरेराह पुलिस को बदमाशों द्वारा दी गई चुनौती की इलाकाई लोगों में जबरदस्त चर्चा रही।
नईबाजार खोजवा निवासी अर्जुन शेट्टी की पत्नी हर्षिता नगवा स्थित एक निजी विद्यालय में पढ़ाती हैं। वो मंगलवार को रिक्शा से स्कूल जा रही थीं। लंका-नगवां मार्ग पर थाने से चंद कदम आगे बढ़ते ही सादे कपड़ों में तीन युवकोें ने रिक्शा रुकवाया। खुद को तीनों ने पुलिसकर्मी बताया तो हर्षिता ने सोचा कि बगल में ही थाना है और वे पुलिसकर्मी हो सकते हैं। तीनों युवक हर्षिता को समझाने लगे कि समय खराब है और आप इतने जेवर पहनकर रिक्शा से जा रही हैं। हर्षिता को विश्वास में लेते हुए एक कागज का टुकड़ा पकड़ाया और कहा कि सारे जेवर उतार कर इसमें लपेट कर बैग में रख लीजिए।
हर्षिता ने सोने के कंगन, अंगूठी सहित अन्य जेवर उतारे और कागज में लपेट कर बैग में रखने लगीं। इसी दौरान एक युवक ने उनके बैग में हाथ डाला और रिक्शा वाले को कहा कि तेजी से निकल जाओ। स्कूल के पास पहुंची हर्षिता ने बैग से कागज निकाला तो जेवर की जगह प्लास्टिक के कंगन थे। सीओ भेलूपुर राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लंका पुलिस को पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा गया है। घटनास्थल के आसपास की दूकानों के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की मदद से आरोपियों की शिनाख्त कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिसकर्मी बताकर जेवरात और नगदी उड़ाने की घटनाएं थोड़े अंतराल पर शहर में सामने आती रहती हैं। मगर, पुलिस गैंग के बदमाशों पर कारगर कार्रवाई नहीं कर पाती। इसके चलते गैंग के सदस्य बेखौफ तरीके से वारदात को अंजाम देते हैं और फिर शांत हो जाते हैं। बीते आठ अगस्त को सिगरा के गांधी नगर कॉलोनी की अनीता डोडवानी को सोनिया पुलिस चौकी के पास दो युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर रोका। बातचीत के दौरान ही दोनों युवक अनीता से सवा लाख रुपये मूल्य के जेवरात छीनकर भाग निकले। इस तरीके की घटनाओं के लिए चेतगंज थाना क्षेत्र का लहुराबीर इलाका भी कुख्यात है।