मिर्जापुर के मानिकपुर गांव में बीते सोमवार को इसी गांव के निवासी अजय उर्फ बबलू की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। अजय की हत्या उसकी प्रेमिका ने अपने पति के साथ मिलकर की थी। वारदात को अंजाम देने के बाद ये दोनों युवक के शव को बैगन के खेत में फेंक कर भाग निकले।
पुलिस ने बुधवार की रात दोनों आरोपियों को मानिकपुर से गिरफ्तार करते हुए हत्या में प्रयोग किए गए मोबाइल व रस्सी को बरामद कर लिया। इस बात का खुलासा गुरुवार को मिर्जापुर एसपी आशीष तिवारी ने प्रेस कांफेंस में की।
उन्होंने बताया कि अजय की लाश मिलने के बाद उसके पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। शुरूआती पड़ताल के बाद गांव के एक विवाहिता महिला से संबंधों बारे में पता चला।
पुलिस टीम सुरागरसी में लगी थी कि बुधवार की रात सूचना मिली कि महिला और उसका पति गांव से फरार होने की फिराक में हैं। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर उनको दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि उक्त महिला का मायका इसी गांव में है। चंदौली जिले में ससुराल है। पारिवारिक विवाद के कारण वह तीन वर्ष से अपने मायके मे रह रही थी। जहां अजय का आना जाना रहता था।
एक दिन अजय ने अनिता को घर में अकेली पाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बना लिया। जिसके बारे में लोगों को बताने की धमकी देते हुए उससे बार बार संबंध बनाने के लिए विवश करता रहा। उसकी हरकत से तंग आ चुकी अनिता ने एक दिन अपने पति दिनेश को पूरे मामले से अवगत कराया।
जानकारी होने पर दिनेश आग बबूला हो गया और उसने अजय की हत्या करने की योजना बनाई। योजना के मुताबिक अनिता ने 17 जून को फोन कर अजय को घर से दौ सौ मीटर दूर स्थित एक बैगन के खेत में बुलाया। जहां दिनेश पहले से ही मौजूद था।
रात करीब साढ़े 11 बजे जैसे ही अजय ने वहां पहुंच कर अनिता के साथ संबंध बनाने का प्रयास किया तो दिनेश ने पीछे से नायलान की रस्सी से उसका गला कस कर उसकी हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारोपियों ने युवक के शव को बैगन के खेत में फेंक कर फरार हो गए।