पुलिस को दोनों ने बताया कि पुराने दोस्त बुद्धू सोनकर के बुलाने पर वह सरायमोहाना घाट पर 22 जुलाई को गए। वहां बुद्धू के दो और दोस्त मौजूद थे। तय हुआ कि धर्मेंद्र के घर जाने वाली गली के मोड़ पर हैप्पी और प्रभु खड़े रहेंगे। कोई आएगा तो दोनों उसे रोकेंगे और बुद्धू व उसके दोनों दोस्त व्यवसायी से बैग लूटेंगे।
बुद्धू और उसके दोनों साथियों ने फायरिंग कर लूटपाट की। इसके बाद सभी भाग निकले। बुद्धू ने कहा था कि यदि लूट में पांच लाख या इससे ऊपर मिले तो सभी को 80-80 हजार रुपये मिलेंगे। एसएसपी ने बताया कि बुद्धू और उसके दोस्तों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
परिजन पुलिस के खुलासे से असंतुष्ट :
व्यवसायी धर्मेंद्र गुप्ता के परिजन पुलिस के खुलासे से असंतुष्ट हैं। धर्मेंद्र के भाई दिलीप और सुरेंद्र ने कहा कि साजिश में कौन शामिल थे और किसने रेकी की, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। धर्मेंद्र की हत्या और लूटपाट करने वाले बदमाश गिरफ्तार हों, यह महत्वपूर्ण है। प्रकरण में किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाना चाहिए। जब तक भाई के हत्यारे और लूटपाट करने वाले गिरफ्तार नहीं होंगे, पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में रहेगी। उधर, मेडिकल मुआयना के लिए अस्पताल लाए गए हैप्पी और प्रभु ने कहा कि पुलिस के पास सीसी कैमरे की जो फुटेज है, उसमें वह दोनों नहीं हैं। सीसी कैमरे में कैद बदमाशों की कद-काठी हमसे बिल्कुल अलग हैं।
बनारस बंद करने की चेतावनी :
राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमित गुप्ता और वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा ने बनारस बंद करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि धर्मेंद्र गुप्ता के हत्यारों को पुलिस साक्ष्य के साथ नहीं पकड़ा तो पांच अगस्त को बनारस बंद रहेगा। दोनों व्यापारी नेताओं ने मंगलवार को हुकुलगंज में बातचीत के दौरान यह बात कही।
आईजी से मिला प्रतिनिधिमंडल :
विभिन्न केंद्रीय व्यापार मंडलों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने व्यापारी धर्मेंद्र गुप्ता के भाइयों पप्पू व बबलू अग्रहरि के साथ मंगलवार को आईजी विजय सिंह मीणा से उनके कार्यालय में मुलाकात की। नेतृत्व संगठन के महानगर उद्योग व्यापार समिति के मुख्य संरक्षक आरके चौधरी ने किया। महानगर उद्योग व्यापार समिति अध्यक्ष प्रेम मिश्रा व महामंत्री अशोक जायसवाल ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस समय बनारस में हत्या, लूट, डकैती, व रंगदारी की घटनाएं लगातार हो रही हैं।