शहर कोतवाल अनिल सिंह ने गुरुवार को मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर अलग-अलग स्थानों से इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर चोरी की छिपाकर रखी गई नौ बाइक, एक लैपटाप, एक प्रिंटर, तीन मोबाइल और भारी मात्रा में फर्जी आईडी प्रूफ बरामद हुए।
आरोपियों ने बताया कि ओएलएक्स एप के जरिए ये लोग आनलाइन बाइक बेचने की जानकारी देते हैं। जैसे ही कोई ग्राहक इनसे संपर्क करता है उससे खाते में रुपये ट्रांसफर कराकर बाइक दे देते थे, लेकिन पेपर नहीं देते थे। बाइक खरीदने वाला जब दवाब बनाता तो मिलते नहीं थे, यदि काफी प्रयास के बाद किसी ने ढूंढ लिया तो फर्जी पेपर बनाकर थमा देते थे।
फोटो शाप के जरिए तैयार करते थे पेपर
एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि इस गिरोह के गिरफ्तार तीनों सदस्य अलग-अलग काम करते थे। जैसे अंशदीप सिंह का मुख्य काम ग्राहकों को डील करना थ जबकि अंकित यादव रेकी करके बाइकों की चोरी करता था। जबकि सरविंद यादव अपने जनसेवा केंद्र के कंप्यूटर के जरिए फर्जी कागजात तैयार करता था। एसपी ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी सक्रिय हैं। उनके विषय में जानकारी जुटाई जा रही।
कंपनी को भेजा जाएगा पत्र
एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि ताज्जुब की बात तो यह है कि ओएलएक्स कंपनी काफी दिनों से संचालित है। इसके जरिए कोई भी कहीं से भी आनलाइन सामान खरीद सकता है। ऐसे में फर्जीवाड़ा करने वाले यह तीनों बड़े आसानी से कंपनी के जरिए ठगी का धंधा कर करते हुए लोगों को चूना लगा रहे थे। एसपी ने बताया कि इस संबंध में कंपनी को पत्र लिखा जाएगा, ताकि इस प्रकार का अन्य कोई खेल खेल रहा हो तो उस पर रोक लगाई जा सके।