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वाराणसी: पूर्व डीआईजी के बिल्डर बेटे की हत्या करने वाला आरोपी पंकज चौबे गिरफ्तार

Mon, 21 Oct 2019 12:54 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पंकज चौबे। - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के पहड़िया क्षेत्र में रविवार रात पूर्व डीआईजी के बिल्डर बेटे बलवंत सिंह(42) की गोली मार हत्या करने वाले आरोपी पंकज चौबे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है और पूछताछ में जुटी हुई है।
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वाराणसी के मूल रूप से बड़ागांव थाना के अकोढ़ा गाव के रहने वाले बलवंत सेवानिवृत्त डीआईजी सभाजीत सिंह के बेटे थे। जिनकी पहड़िया क्षेत्र की अशोक विहार कॉलोनी फेज-2 में रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मौके से मिले खोखे के आधार फोरेंसिक टीम ने स्पष्ट किया है कि घटना में .32 बोर की देसी पिस्टल प्रयोग की गई।

आरोपी पंकज चौबे

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बलवंत के बेटे ने सारनाथ थाने में पंकज चौबे के खिलाफ हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया। मृतक के बेटे ने बताया कि मेरे पिता जी के पास कल रात साढ़े आठ बजे रामगोपाल का फोन आया और उन्होंने अपने घर अशोक विहार बुलाया। उस दौरान उनके साथ मैं भी चला गया। वहां पहुंचने पर पिता जी, रामगोपाल के घर चल गए और मुझे बाहर कार के अंदर बैठकर प्रतीक्षा करने को कह दिया।

घर में पहले से ही राम गोपाल सिंह, पंकज चौबे, जितेंद्र सिंह, आरपी सिंह, अब्दुल अंसारी के साथ अन्य लोग भी मीटिंग में मौजूद थे। थोड़ी देर बाद तेज आवाज में बहस होने लगी। थोड़ी देर बाद लगभग साढ़े 10 बजे रात में पिताजी और पंकज चौबे बाहर आए।

मौके पर मौजूद पुलिस और बलवंत सिंह(फाइल फोटो)

घर के बाहर थोड़ी बहस के दौरान पंकज चौबे ने पिस्टल निकालकर मेरे पिताजी को गोली मार दी और अपने ड्राइवर गोपाल राजकुमार के साथ भाग गया। घायल अवस्था मे पिता बलवंत को सिंह मेडिकल मलदहिया ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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दरअसल, शिवपुर थाना के तरना निवासी बलवंत सिंह अशोक विहार कॉलोनी फेज-2 निवासी पार्टनर रामगोपाल सिंह के घर दावत में शामिल होने गए थे। दावत में बलवंत और उनके चार अन्य पार्टनर शामिल थे। रामगोपाल सिंह के अनुसार खाना खाने के बाद उनका एक पार्टनर सबसे पहले घर से बाहर निकला। उसके थोड़ी ही देर बाद बलवंत निकले तो गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बाहर बलवंत जमीन पर गिरे थे और उनके पेट से खून बह रहा था।

मौके पर मौजूद स्कार्पियो सवार लोग उन्हें लेकर मलदहिया स्थित निजी अस्पताल गए। वहां डॉक्टरों द्वारा बलवंत को मृत घोषित किए जाने के बाद लोग आपस में ही नोकझोंक और हंगामा करने लगे। लोगों का कहना था कि शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे और जिसने गोली मारी है उसका भी यही हश्र करेंगे।
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