बनारस में शिवपुर थाने के गेट पर मेडिकल करा कर लौटे छेड़खानी के आरोपी और एक सिपाही की दर्जनों लोगों ने जमकर पिटाई की। साथ ही उसकी वर्दी़ फाड़ दी। सिपाही और आरोपी ने किसी तरह से शिवपुर थाने के भीतर भाग कर जान बचाई। शोरशराबा सुनकर थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मी बाहर आए और मारपीट में शामिल दो लोगों को पकड़ लिए।
प्रकरण को लेकर काफी देर तक पंचायत चली और ग्रामीणों ने शिवपुर थाने का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। बताया जाता है कि इसी बीच प्रदेश के एक राज्य मंत्री का फोन आया और मारपीट के आरोप में बैठाए गए दोनों आरोपियों को निजी मुचलके पर थाने से ही छोड़ दिया गया।
शिवपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का प्रधान का आरोप है कि उसकी पत्नी के साथ चिथरियापुर (भवानीपुर) गांव निवासी एनुलहुदा उर्फ बबलू छेड़खानी करता था। प्रधान ने बबलू के खिलाफ शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बबलू का मेडिकल कराकर सिपाही चंदन सिंह शिवपुर थाने के गेट पर पहुंचे ही थे कि वहां पहले से मौजूद लोगों ने दोनों की पिटाई शुरू कर दी।
आरोप है कि इस दौरान सिपाही की वर्दी फाड़ दी गई। सिपाही चंदन की तहरीर पर जगदीश नारायण उर्फ मुन्ना और नंदलाल सहित छह से अधिक आरोपियों के खिलाफ शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
इस बीच जगदीश नारायण और नंदलाल की गिरफ्तारी के विरोध में उनके गांव के ग्रामीण थाने आकर पुलिस और प्रशासन विरोधी नारेबाजी करने लगे। मामले को तूल पकड़ता देख सारनाथ और कैंट थाने की फोर्स के साथ ही एक कंपनी पीएसी शिवपुर थाने पहुंची।