वसंत पंचमी पर विंध्याचल धाम में दर्शन करने वालों का लगा तांता
- फोटो : अमर उजाला
वसंत पंचमी पर विंध्याचल धाम में दर्शन करने वालों का तांता लगा रहा। विंध्यवासिनी देवी मंदिर में पहले दर्शन-पूजन करने के विवाद में एक पंडे ने जौनपुर के एक ही परिवार के चार लोगों को मारपीट कर घायल कर दिया। मौजूद लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। पीड़ितों ने पंडे के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है।
बसंत पंचमी पर जौनपुर जिले के जमीन बस्ती गांव से सत्य प्रकाश सिंह अपने परिवार के साथ पुत्र उत्तम का मुंडन कराने विंध्याचल आए थे।
मुंडन के बाद दोपहर तीन बजे मंदिर में दर्शन करने के लिए लाइन में लगे थे।
तभी पुरोहित प्रदीप पाठक अपने यजमान को लेकर लाइन तोड़ते हुए मंदिर की ओर जाने लगा। उन्होंने लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को धक्का देना शुरू किया, जिससे अफरातफरी मच गई। लाइन में खड़ी सत्य प्रकाश की पत्नी वंदना तथा बच्चे भीड़ में दबने लगे।
इस पर वंदना ने पुरोहित प्रदीप को टोका। इसी बात पर कहासुनी होने लगी और पुरोहित ने गालीगलौजकरते हुए पिटाई भी की। बीचबचाव करने पहुंचे पति सत्यप्रकाश तथा उसके बच्चों से भी मारपीट की ।
इससे वहां भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मंदिर प्रभारी उपनिरीक्षक कृष्णानंद राय मौके पर पहुंचे और उन्होंने क्षेत्रीय लोगों की मदद से मामला शांत कराया।
घायल दर्शनार्थियों को सीएचसी विंध्याचल मेडिकल के लिए भेजा। मेडिकल कराने के बाद मिली तहरीर के आधार पर प्रदीप पाठक के खिलाफ मामला पंजीकृत कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
वसंत पंचमी पर देवीधाम में भक्तजनों का रेला
वसंत पंचमी पर देवीधाम में भक्तजनों का रेला
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वसंत पंचमी पर विंध्याचल धाम में दर्शन करने वालों का तांता लगा रहा। पुष्पों एवं रत्नजड़ित गहनाें से मां का शृंगार किया गया। विंध्यवासिनी के दरबार में बुधवार की भोर से दर्शन-पूजन का दौर शुरू हो गया, जो देर रात तक चलता रहा।
महिलाओं ने हलवा-पूड़ी का भोग लगाया। पुरुषों ने नारियल-चुनरी, माला-फूल एवं प्रसाद चढ़ा कर मंगलकामना की। मंदिर के बाहर कतार में खड़े श्रद्धालु पहाड़ावाली का जयकारा लगाते हुए आगे बढ़े जा रहे थे।
आस्थावानों ने मंदिर परिसर में विराजमान मां काली, मां सरस्वती, मां दुर्गा, मां शीतला, दक्षिणमुखी हनुमान, राधा-कृष्ण, पंचमुखी महादेव और बटुक भैरव के मंदिरों पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्ध की कामना की। मंदिर परिसर में मुंडन व जनेऊ संस्कार किए गए।
गंगा घाटों पर स्नान करने को स्नानार्थियों का तांता लगा रहा। मां के दर्शन उपरांत भक्तों ने त्रिकोण परिक्रमा कर पुण्य के भागी बने।
कालीखोह स्थित महाकाली मंदिर व अष्टभुजी देवी मंदिर में जाकर विधिवत पूजन-अर्चन किया। माता का दर्शन-पूजन करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु त्रिकोण परिक्रमा कर पुण्य के भागी बने।
विंध्याचल में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा-व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस व पीएसी के जवानों सहित श्रीविंध्य पंडा समाज के लोग मुस्तैद रहे।