बनारस के रोहनिया इलाके में बोरे में बंद एक बुजुर्ग बेहोशी की हालत में मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस और लोगों ने बुजुर्ग को बोरे से बाहर निकाला। इसके बाद अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया।
बनारस के रोहनिया क्षेत्र के बेटावर गांव के छोटे लाल यादव अपने पशुओं की देखभाल में वहां सो रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब 4 बजे उनकी पत्नी मुरता देवी जब पहुंची तो देखा कि वह वहां नहीं थे। इसके बाद वह वहां इंतजार करने लगीं। जब घंटों तक वापस नहीं आए तो देखा कि मच्छरदानी भी गिरी पड़ी थी। इसके बाद उन्होंने घर आकर इसकी सूचना दी।
परिजनों ने इधर-उधर खोजबीन शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद पता चला कि बोरे में कुछ भरकर फेंका गया है। मौके पर परिजनों के साथ ग्रामीण भी पहुंच गए। बुजुर्ग के बेटे ने जब, बोरे को छुआ तो उसमें कुछ हलचल हुई। लोगों ने फोन कर पुलिस को सूचना दी। मौक पर पहुंची पुलिस और लोगों ने बोरे को खोला तो देखा कि बुजुर्ग की गर्दन और पैर गमछे से बंधे हुए हैं और सांस चल रही है। पुलिस ने फौरन निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां बुजुर्ग का इलाज चल रहा है।
बुजुर्ग की सिर पर चोट के निशान थे, सात ही गला कसने से नाक से खून निकल रहा था। होश में आने के बाद वृद्ध ने बताया कि गांव के ही नंद लाल बिंद, गणेश यादव, दिनेश यादव उर्फ गोलू सहित तीन लोग और थे। वहीं बुजुर्ग के बेटे पवन यादव ने बताया कि अक्सर यह लोग आए दिन हमको मारने की धमकी देते रहते हैं। हर बात पर मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों की तलाश जारी कर दी।