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बनारस में सात साल के मासूम का अपहरण, नृशंस हत्या कर पुलिया के किनारे फेंका शव

Thu, 14 Jun 2018 02:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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मृतक समीर - फोटो : file photo
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बनारस में  सात साल के मासूम का अपहरण कर हत्या कर दी गई। इसके बाद हत्यारों ने मासूम का शव एक पुलिया के किनारे फेंक दिया। मासूम के परिजनों ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद की रंजिश में पट्टीदारों ने हत्या की है।
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गुस्साए लोगों ने हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए सड़क जाम कर दी। बाद में पुलिस ने आश्नासन दिया कि 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिए जाएंगे तो एक घंटे बाद शाम साढ़े पांच बजे जाम समाप्त हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस ने भिजवाया।

चोलापुर थाना अंतर्गत मुरली गांव का मूल निवासी छोटेलाल प्रजापति मीरापुर बसही में मकान बनवा कर रहता है। छोटेलाल ने बताया कि मंगलवार की शाम समीर (7) घर के समीप खेल रहा था। इसके बाद उसका पता नहीं लगा।
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काफी खोजबीन के बाद भी पता नहीं लगने पर छोटेलाल गुरुवार की दोपहर एक बजे के लगभग चांदमारी पुलिस चौकी पहुंचा और समीर के गायब होने के संबंध में पुलिस को जानकारी दिया।

इसी बीच वायरलेस सेट पर सूचना प्रसारित हुई कि ऐढ़े में रिंग रोड के किनारे एक बच्चे का शव पड़ा है। इस सूचना पर पुलिस छोटेलाल को लेकर ऐढ़े पहुंची तो वह समीर का शव देख कर सन्न रह गया। समीर के सिर और गले पर चाकू से वार कर उसकी हत्या की गई है।

इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि तफ्तीश में सामने आया है कि पट्टीदारों के अलावा छोटेलाल की किसी और से रंजिश नहीं है। दोनों पक्षों में लंबे समय से जमीन विवाद है।

समीर के बाबा लल्लू प्रजापति की तहरीर पर राजेंद्र प्रजापति और राजेश प्रजापति के खिलाफ हत्या, अपहरण सहित अन्य आरोपों में मुकदमा शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। नामजद आरोपियों के बारे में पता लगाने के लिए पुलिस ने उनके तीन करीबियों को हिरासत में लिया है। 
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शव देखकर बेसुध हुई मां

रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
मासूम समीर प्रजापति का शव देखने के बाद उसकी मां प्रेमलता की हालत बेसुधों जैसी थी। प्रेमलता अपने इकलौते बेटे को कभी सीने से लगा रही थी तो कभी पुचकार कर रही थी। बार-बार सबसे यही पूछ रही थी कि आखिर उसके मासूम बेटे ने किसी का क्या बिगाड़ा था।

मलता की बेसुधों जैसी हालत देख उसे ढांढस बंधाने आई महिलाओं की हिम्मत भी जवाब दे जा रही थी। समीर की हत्या से मुहल्ले के लोग भी गमगीन नजर आए। सभी का कहना था कि आखिर मासूम बच्चे की हत्या से हत्यारों को क्या मिला होगा।

परिजनों ने बताया कि समीर कक्षा दो में पढ़ता था। समीर का शव मिलने के बाद उसके पिता छोटेलाल और बाबा लल्लू प्रजापति का रो-रोकर बुरा हाल था। बिलखते हुए बाबा यही कह रहे थे कि हमारे परिवार को किसकी नजर लग गई। यह दिन देखने से अच्छा मेरी मौत क्यों नहीं हो गई।

पड़ोसी किसी तरह लल्लू को संभाले हुए थे और ढांढस बंधा रहे थे। मीरापुर बसही के लोगों ने पुलिस से कहा है कि अगर चौबीस घंटे में हत्यारे गिरफ्त में नहीं आए तो पीड़ित परिवार के साथ सभी फिर सड़क पर उतरेंगे और बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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