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ब्रजेश के करीबी बसपा नेता की हत्या

Sat, 05 Dec 2015 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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सेंट्रल जेल में बंद ब्रजेश सिंह के करीबी बसपा नेता रामबिहारी चौबे (55) की शुक्रवार की सुबह बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी।
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 वारदात सुबह करीब 6:50 बजे तब हुई जब बसपा नेता श्रीकंठपुर गांव स्थित अपने मकान के लॉन में टहल रहे थे। बदमाशों ने वहां पहुंचकर पहले उनके पांव छुए।
हालचाल पूछा और फिर ताबड़तोड़ सात गोलियां मारीं और फरार हो गए। घायल बसपा नेता को बीएचयू के ट्रामा सेंटर ले आया गया, जहां डॉक्टराें ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रामबिहारी के छोटे बेटे अभय की तहरीर पर पुलिस ने पांच अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। वारदात को गैंगवार से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
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ब्रजेश के धुर विरोधी बीकेडी की ओर शक की सूई घूम रही है। ब्रजेश और बीकेडी दोनों क्षेत्र के ही धौरहरा गांव के रहने वाले हैं। श्रीकंठपुर में एहतियात के तौर पर फोर्स तैनात कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार रामबिहारी को माथा, पीठ और कंधे पर एक-एक जबकि गले और हाथ पर दो-दो गोलियां लगीं। बदमाश चार की संख्या में थे। दो घर के अंदर घुसे थे जबकि दो बाहर खड़े थे।
 मालूम हो कि रेलवे के बड़े ठेकेदार, ट्रांसपोर्टर एवं रजवाड़ी स्थित लक्ष्मी शंकर इंटर कालेज के प्रबंधक रामबिहारी चौबे बसपा से जुड़े थे।
उन्होंने पिछला विधानसभा चुनाव बसपा के टिकट पर चंदौली के सकलडीहा से लड़ा था। इस चुनाव में निर्दल प्रत्याशी ब्रजेश सिंह के भतीजे सुशील सिंह जीते थे।
बताया जाता है कि इस चुनाव में ब्रजेश सिंह ने पुराने जमाने से अपने करीबी रहे रामबिहारी का समर्थन किया था। रामबिहारी अपने पूरे परिवार के साथ श्रीकंठपुर स्थित आवास पर रहते थे।
 करीब तीन बीघे में उनका आवास बना है। आवास परिसर में ही लॉन है। शुक्रवार की सुबह करीब छह बजे वह लॉन में टहलने निकले थे। करीब 6:50 बजे बाइक सवार चार युवक उनके घर पहुंचे।
दो बाहर ही रुक गए और दो अंदर पहुंच गए। दोनों ने रामबिहारी के पोते प्रांजल से उन्हें बुलाने को कहा। प्रांजल ने बताया कि दादा लॉन में टहल रहे हैं।
दोनों युवकों के बुलाने पर रामबिहारी लॉन स्थित मड़ई में पहुंचे। बताया जाता है कि दोनों युवकों ने रामबिहारी के पांव छूए। हालचाल पूछा और फिर रामबिहारी ने घर में चाय बनाने के लिए भी कहा।
 इसी दौरान बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। घर में मौजूद उनके छोटे बेटे अभय उर्फ पप्पू समेत परिवार के लोग गोली की आवाज सुनकर बाहर आए, तब तक चारों बदमाश भाग निकले।
बड़े बेटे अमरनाथ दिल्ली गए थे, जो वारदात की जानकारी शुक्रवार की दोपहर पहुंचे। घटना की सूचना के बाद ब्रजेश की पत्नी एवं बसपा एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह मौके पर पहुंचीं।
पोस्टमार्टम के बाद देर शाम रजवाड़ी में अंतिम संस्कार किया गया। उधर, एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी ग्रामीण डॉ. एसपी सिंह, एसपी क्राइम त्रिभुवन सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचे।
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मौके से .9 एमएम का दो खोखा बरामद किया गया। एसएसपी का कहना है कि ब्रजेश के विरोधी धौरहरा निवासी 50 हजार के इनामी बदमाश इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी से दुश्मनी और पंचायत चुनाव के विवाद समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
 वारदात में नाइन एमएम की पिस्टल के अलावा और किन असलहे प्रयोग में लाए गए, इनकी जांच की जा रही है। चर्चा है कि बदमाश स्वचालित असलहों से भी लैस थे।
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