मुख्तार ने उस पर तीन बार हमला कराया था। मगर
तीनों बार वह बच निकला। दरअसल, धनंजय ने भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की
हत्या में मुखबिरी करने वाले फैजल की हत्या की थी। फैजल को मुख्तार का
करीबी बताया जाता था। फैजल की हत्या का बदला लेने के लिए मुख्तार गैंग
धनंजय को मारना चाहता है।
एसटीएफ की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। बृजेश और
मुख्तार गिरोह के एक बार फिर आमने-सामने होने की आशंका के मद्देनजर पुलिस
सतर्कता बरत रही है। कृष्णानंद राय की 29 नवंबर 2005 को गाजीपुर के
भांवरकोल क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके गनर समेत छह अन्य
लोग भी मारे गए थे। इस मामले में मुख्तारी अंसारी के भाई अफजाल अंसारी,
एजाजउल हक, मुन्ना बजरंगी, फिरदौस एवं अताउर्रहमान के खिलाफ आरोप पत्र दायर
किया गया था।
बताया गया था कि मुख्तार अंसारी ने हत्या की साजिश रची थी।
इसके कुछ दिन बाद ही पता चला था कि मुुख्तार के करीबी बक्सर निवासी फैजल
ने मुखबिरी की थी। उसके संबंध कृ ष्णानंद से भी थे। बदला लेने के उद्देश्य
से धनंजय ने 2006 में फैजल की घर में घुुसकर गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इसके बाद वह गिरफ्तार हुआ था।
2008 में बलिया में पेशी पर जाते समय
नहरी थाना क्षेत्र में धनंजय पर हमला हुआ था।
पुलिस अभिरक्षा में हुए हमले
में वह बच गया था। बलिया में जेल में जहर देकर और फिर बलिया कचहरी में उसे
मारने का प्रयास किया गया था। 2009 में वह मऊ में पुलिस अभिरक्षा से भाग
गया था। इसके बाद से वह झारखंड के बोकारो और कोलकाता में अजय राय नाम से
रहने लगा। यहां क ृष्णानंद राय के करीबी ब्रजेश सिंह का काम देखने के अलावा
वह अपना कारोबार भी करने लगा। ब्रजेश सिंह से उसकी मुलाकात सेंट्रल जेल
में 2009 में हुई थी। धनंजय ने पुलिस की पूछताछ में मुख्तार गिरोह से खतरा
बताया है।
इसके मद्देेनजर पुलिस सतर्कता बरत रही है। मुख्तार और ब्रजेश
सिंह गिरोह पर नजर रखी जा रही है। बता दें कि धनंजय को एसटीएफ ने शनिवार को
कोलकाता से गिरफ्तार किया था। रविवार को उसे न्यायालय में पेश करने के बाद
जेल भेज दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर उसने अदालत से खुद को सेंट्रल जेल
में रखने का आग्रह किया है। साथ ही पेशी के दौरान कड़ी सुरक्षा की मांग की
है।