प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के सीएम योगी आदित्यनाथ के तमाम दावों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है। सर्प दंश के कारण जिंदगी और मौत से जूझ रही मां-बेटी की जान केवल इसलिए चली गई कि खराब सड़कों के कारण वे समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाए।
घटना यूपी के मिर्जापुर जिले की है। जगह जगह गड्ढे में तब्दील हो चुके रीवा-मिर्जापुर मार्ग के चलते गुरुवार की सुबह सर्प दंश के बाद अचेत हुई मां बेटी ने मंडलीय चिकित्सालय पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। अपनी आंखों के सामने परिवार के दो सदस्यों की मौत देख परिवार के लोग बिलख पड़े।
परिजनों ने आरोप लगाया कि सरकार के लापरवाह रवैये के चलते जर्जर हो चुकी मिर्जापुर रीवा मार्ग कई वर्षों ने नहीं बनाई जा रही है, जिससे हलिया के लोगों को मंडलीय चिकित्सालय पहुंचने में काफी वक्त लग जाता है। समय से अस्पताल नहीं पहुंचने के चलते मरीज रास्ते में ही दम तोड़ दे रहे हैं।
हलिया थाना क्षेत्र के बरबसा गांव निवासी शिव प्रसाद मौर्या की पत्नी लखपत्ती (40) के अलावा एक बेटी तथा तीन बेटियां हैं। जिसमें सबसे बड़ा बेटा अरविंद 27 वर्ष है। दूसरे नंबर पर बेटी अंजू 25 वर्ष, तीसरे नंबर बेटी सीमा 20 वर्ष तथा चौथे और सबसे छोटी बेटी गरिमा 15 वर्ष है।
शिव प्रसाद ने हलिया के ही रतेह चौराहे पर एक और मकान बनवाया है। जिसमें जनरल स्टोर की दूकान खोल रखी है। नए मकान पर शिव प्रसाद की पत्नी लखपत्ती व बेटी अंजू तथा तीसरी बेटी गरिमा रहते थे। बुधवार की रात लखपत्ती अपनी बड़ी बेटी अंजू व तीसरी बेटी गरिमा के साथ जनरल स्टोर के पीछे मौजूद कमरे में सोई थी।
लखपत्ती व गरिमा एक ही चारपाई पर सोई थी जबकि अंजू दूसरी चारपाई पर सो रही थी। परिवार के अनुसार भोर तीन बजे सर्प लखपत्ती के चारपाई पर चढ़ गया और पहले गरिमा को काटा फिर उसकी मां लखपत्ती को डसा तो उसकी नींद खुल गई। शोर होने पर टार्च जला कर देखा तो चारपाई पर सर्प था।
सर्पदंश की खबर लगते ही परिवार के लोग दोनों को लेकर आनन फानन में मंडलीय चिकित्सालय के लिए निकल पड़े, लेकिन जगह जगह तालाब में तब्दील हो चुके मिर्जापुर रीवा मार्ग के चलते दोनों को लेकर अस्पताल पहुंचने में पांच घंटे का समय लग गया। जिससे उनकी रास्ते में ही मौत हो गई।