हजारों लीटर सरसो तेल व ब्रांडेड कंपनियों के रैपर-डिब्बे बरामद
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मिर्जापुर में गुरुवार को एक तेल फैक्टरी पर छापेमारी की गई। यहां कई वर्षों से नकली सरसों का तेल कई कंपनियों के नाम पर भर कर कालाबाजारी किया जाता था। एसडीएम सदर अविनाश त्रिपाठी और क्राइम ब्रांच की टीम ने सुंदरघाट स्थित इस तेल पर छापेमारी की गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया।
छापेमारी के दौरान लगभग 60 लाख रुपये का सरसो का तेल और ब्रांडेड कंपनियों के रैपर वाले टीन सहित सील पैक करने का उपकरण बरामद हुआ है। खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग की टीम ने बरामद सरसो के तेल का नमूना भर कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया।
एसडीएम सदर के निर्देश पर पुलिस ने कारखाने और गोदाम को सील कर दिया। साथ ही पूछताछ के लिए फैक्ट्री मालिक समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है। नगर के सुंदरघाट में सरसो के तेल को नामी कंपनियों का रैपर लगा कर चलाने का धंधा वर्षों से चल रहा है। इसके संचालित होने की सूचना क्राइम ब्रांच की टीम को मिल रही थी।
मुखबीरों से सूचना पुख्ता होने के बाद एसडीएम सदर अविनाश त्रिपाठी के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और खाद्य निरीक्षक की संयुक्त टीम ने गुरुवार को लक्ष्मण प्रसाद ओम प्रकाश के फर्म पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान तीन स्थानों पर 12 हजार के दो और आठ हजार के तीन टंकियों में सरसों का तेल बरामद हुआ है। जिसकी कीमत सेल टैक्स के अधिकारियों द्वारा लगभग 60 लाख रुपये बताई जा रही है।
वहीं सुंदर घाट में ही फैक्ट्री भी बरामद हुई जहां टैंकरों में भरे तेल को विभिन्न कंपनियों के रैपर वाले टिनों में भरा जा रहा था। छापेमारी में सभी प्रमुख खाद्य तेल ब्रांडों के रैपर, टीन और सील बरामद हुआ। फैक्ट्री में नामी कंपनियों के टिन में सादा तेल भर कर आपूर्ति की जा रही थी। छापेमारी के दौरान सर्फ आदि सामान भी बरामद हुआ, संभवत: इसका उपयोग तेल में झाग आदि के लिए किया जाता था।
एसडीएम सदर ने बताया कि फर्म के मालिक द्वारा पैकिंग करने के लिए विभाग में आवेदन किया गया है। लेकिन फर्म मालिक द्वारा एक कंपनी के तेल की एजेंसी लेकर नामी ब्रांड की कंपनियों के टिन में भरा जा रहा था, जो प्रथम दृष्टया अपराध है। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि सरसों का तेल असली है अथवा मिलावटी।