चिकित्सक की लापरवाही के चलते शनिवार को एक महिला ने मिर्जापुर के एक अस्पताल के गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला के घरवालों ने सीएमओ से इसकी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
बरैनी गांव निवासिनी सुमन को शनिवार को सुबह 10 बजे प्रसव पीड़ा होने पर एंबुलेंस से सीएचसी कछवां लाया गया। चिकित्सक डा. दिव्या सिंह ने एक महीने बाद बच्चा पैदा होने की बात कहकर उसे घर भेज दिया।
महिला जैसे ही अस्पताल के गेट पर पहुंची तो दुबारा पीड़ा होने लगी और उसने गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। उसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया। इस संबंध में सीएचसी के डा. सीबी पटेल का कहना है कि महिला के पर्ची पर प्रसव की तारीख एक माह बाद की थी।
लिहाजा डाक्टर ने उसे देखने के बाद एक महीने बाद आने को कहा। मगर बच्चा महीने भर पहले ही पैदा हो गया। उधर, प्रसूता सुमन के पति शिवमंगल माझी का आरोप है कि डाक्टर ने उसकी पत्नी को बगैर देखे एक महीने बाद प्रसव के लिए आने को कह दिया।
उन्होंने ठीक से जांच की होती तो पीड़िता कि हालत का पता चल जाता। अस्पताल के गेट पर प्रसव के दौरान किसी डाक्टर या कर्मचारी ने उसकी सहायता नहीं की। महिला के परिवार वालों का कहना है कि इस मामले की शिकायत उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की है लेकिन सीएमओ डा. विधु गुप्ता ने मामले की जानकारी से इनकार किया है।
उनका कहना है कि अगर पीड़ित शिकायत करता है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।