सीओ भेलूपुर ने लिया संज्ञान तो आरोपी किए गए गिरफ्तार
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन वाराणसी में महिला अपराध से जुड़ी सनसनीखेज घटना सामने आई है। हद तो तब हो गई जब फरियाद सुनने की बजाय पुलिस ने पीड़िता को भगा दिया।
महिला दिवस के मद्देनजर यूपी पुलिस ने छह से आठ मार्च तक तीन दिवसीय अभियान चलाया। पुलिसकर्मियों को वुमेन पावर लाइन और महिलाओं की शिकायतों पर संवेदनशील होने की जानकारी दी गई।
खुद डीजीपी ट्विटर पर एक घंटे तक महिलाओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं मगर वाराणसी के लंका थाने की पुलिस पर इन सारी कवायदों का कोई असर नहीं है। इसकी बानगी गुरुवार को तब देखने को मिली जब नैपुराकला क्षेत्र की एक 14 वर्षीय किशोरी लंका थाना की रमना पुलिस चौकी पर पहुंची।
अगवा कर कुएं में धकेली गई किशोरी की फरियाद सुनना तो दूर रमना चौकी पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसे भगा दिया। मामला सीओ भेलूपुर के पास पहुंचा तो पुलिस सक्रिय हुई और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
नैपुराकला निवासी मनोज कुमार का आरोप है कि उनकी बेटी ज्योति कुमारी बुधवार की रात एक बजे के लगभग शौच जाने के लिए बाहर निकली थी।
भाई को जान से मारने की दी धमकी
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कुत्तों के भौंकने पर उन्हें भगाकर ज्योति घर की ओर आने लगी तो पड़ोस में रहने वाले अरविंद कुमार और सचिन कुमार उर्फ लालू पीछे से आकर उसका मुंह दबाकर कुछ दूर स्थित एक कुएं के पास ले गए। दोनों ने धमकाते हुए कहा कि तुम्हारे भाई को भी इसी कुएं में फेंक कर जान से मार देंगे।
इसके साथ ही ज्योति को कुएं में धकेल कर दोनों भाग निकले। संयोग से कुएं में पानी नहीं था और ज्योति शोर मचाने लगी तो भोर के समय उसकी आवाज सुनाई दी। बाल्टी और रस्सी की सहायता से ज्योति को बाहर निकाला गया।
मनोज ने बताया कि आरोपी मनबढ़ किस्म के हैं और कुछ महीने पहले भी हमला किए थे। मामले की शिकायत लेकर रमना पुलिस चौकी पर पहुंचे तो वहां से भगा दिया गया। लंका थाने पर भी सुनवाई नहीं हुई तो वो भेलूपुर सीओ के पास पहुंचे और तब जाकर पुलिस हरकत में आई।
इस संबंध में इंस्पेक्टर लंका ने बताया कि मामला पुरानी रंजिश और मुकदमेबाजी का है। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस गई थी। तहरीर के आधार पर हत्या के प्रयास सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।