वाराणसी। पांच साल से बंधक बना कर रखी गई नौ साल की एक बच्ची गुरुवार शाम पांडेयपुर की प्रेमचंद नगर कालोनी में ब्यूटी पार्लर संचालिका के घर से मुक्त कराई गई।
यह कार्रवाई चाइल्ड लाइन और बाल श्रम विभाग ने संयुक्त रूप से की। आरोप है कि ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला बच्ची से न सिर्फ घर का पूरा काम कराती थी बल्कि मना करने पर उसकी बेरहमी से पिटाई भी करती थी। पार्लर जाते समय वह बच्ची को घर में बंद कर देती थी। बच्ची चाइल्ड लाइन के संरक्षण में है। उसे शनिवार को बाल कल्याण समिति में पेश किया जाएगा।
चाइल्ड लाइन और बाल श्रम विभाग की पूछताछ में पता चला कि करीब पांच पूर्व बच्ची को उसके माता-पिता ने ब्यूटी पार्लर संचालिका के हाथों बेच दिया था। उस दौरान बच्ची माता-पिता के साथ कैंट थाना क्षेत्र की प्रेमचंद नगर कालोनी में ही रहती थी। ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला इसी कालोनी में अपने दो बेटों के साथ रहती है।
उसके पति मऊ में एक दवा की कंपनी में काम करते हैं। आरोप है कि महिला बच्ची से नौकरानी का काम लेती थी। बच्चों के स्कूल जाने के बाद वह बच्ची को घर में बंद कर पार्लर चली जाती थी। दरवाजे पर ताला बंद कर दिया जाता था। पांच वर्षों तक ऐसा चलता रहा। छह जनवरी को कालोनी के ही एक व्यक्ति ने चाइल्ड लाइन से शिकायत की।
चाइल्ड लाइन के लोग तीन बार मौके पर गए लेकिन घर में ताला बंद देख लौट गए। चाइल्ड लाइन के लोग बाल श्रम विभाग के कर्मचारियों और पुलिस के साथ गुरुवार की शाम ब्यूटी पार्लर संचालिका के घर पहुंचे। पार्लर संचालिका को फोन कर बुलाया गया। पूछताछ की गई तो बच्ची ने आपबीती बताई। बच्ची को मुक्त कराकर चाइल्ड लाइन ले जाया गया।
चाइल्ड लाइन के आजाद गौतम ने बताया कि बच्ची को शनिवार को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। बयान के बाद उसे काशी अनाथालय भेजा जाएगा। इंस्पेक्टर कैंट विपिन राय का कहना है कि चाइल्ड लाइन और बालश्रम विभाग की पहल पर बच्ची को मुक्त कराया गया है। पार्लर संचालिका के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।