योजना के तहत 19 मार्च की भोर में गोलू ने फोन कर शांति को अरहर के खेत में बुलाया। शांति के पहुंचते ही गोलू ने कुल्हाड़ी से कई प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया और कुल्हाड़ी छिपाकर घर चला गया। सुबह शांति की लाश मिलने की जानकारी हुई तो गोलू भी गांव वालों के साथ मौके पर पहुंचकर तमाशा देखने वालों में शामिल रहा।
घटना के संबंध में शांति के भाई ने उसकी जेठानी, जेठ के बेटे और गोलू के भाई लालबहादुर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच पड़ताल के दौरान मुख्य आरोपी गोलू के नाम और पते की जानकारी हुई तो शुक्रवार की शाम पुलिस गोलू के घर छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई।
मुख्य आरोपी गोलू अक्सर शांति से फोन पर बात करता था। लेकिन शांति की हत्या करने के बाद उसने फोन बंद कर दिया। शांति के मोबाइल का डिटेल निकालने पर पता चला कि भोर में जिसने फोन कर बुलाया था। उसका नंबर बंद आ रहा है। इसी शक के आधार पर पुलिस गोलू यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पेश आने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।