रोहनिया थाने के टॉप टेन की सूची में शामिल बदमाश शहाबाबाद निवासी महेश मिश्रा उर्फ गुड्डू (36) की शुक्रवार आधी रात के बाद दरेखू नहर पुलिया के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई। शनिवार की सुबह सूचना मिलने पर रोहनिया पुलिस अपने साथ फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम के साथ पहुंची लेकिन हत्यारोपियों का सुराग नहीं लग सका।
पुलिस के अनुसार .32 बोर की पिस्टल से महेश के सिर के दाहिने तरफ बेहद करीब से दो गोलियां मारी गईं, जो आरपार हो गईं। मौके से दो कारतूस और दो खोखे बरामद हुए हैं। घटना का कारण पुरानी रंजिश और जमीन की खरीद-फरोख्त का विवाद बताया गया है। दरेखू गांव में शुक्रवार की रात कव्वाली का आयोजन था। महेश भी वहीं गया हुआ था। बताया जाता है कि कव्वाली के दौरान छह से सात राउंड फायरिंग हुई। इसी दौरान फायरिंग करने वालों और महेश के बीच कहासुनी हुई।
रात करीब दो बजे महेश अपने साथ एक शख्स को बाइक पर बैठाकर कव्वाली वाले स्थान से निकला। उसके पीछे दो बाइक से कुछ और लोग भी निकले। इसके बाद शनिवार की सुबह महेश का शव दरेखू नहर की पुलिया के समीप मिला। बाइक भी वहीं पड़ी थी। घटनास्थल के करीब की मुसहर बस्ती के रहने वालों या किसी और ने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी। प्रभारी एसओ रोहनिया ने बताया कि घटना का कारण क्या है, इसकी तफ्तीश की जा रही है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
महेश की हत्या की जानकारी मिलते ही शनिवार की सुबह मौके पर एसपी (ग्रामीण) आशीष तिवारी, सीओ सदर रामसेवक यादव, प्रभारी एसओ रोहनिया रमेश मिश्रा और एसओ लोहता श्रीकांत राय पहुंचे। पुलिस के अनुसार महेश को उसकी बाइक के पीछे बैठे शख्स ने ही गोली मारी है या फिर उसके परिचितों ने उसे रोका। बातचीत के दौरान उस पर पीछे से गोली चलाई गई।
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सीसीटीवी फुटेज से पुलिस की आस जगी
डॉग स्क्वॉड दरेखू में जहां जाकर रुक गया, उसी के पहले एक शख्स ने अपने मकान के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगा रखा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है। संभावना जताई गई है कि फुटेज की मदद से आरोपियों को चिह्नित करने में पुलिस को मदद मिलेगी।
महेश पर लूट, छिनैती हत्या, रंगदारी सहित विभिन्न आपराधिक धाराओं में 25 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। जिनमें से 21 मुकदमे रोहनिया में, दो मिर्जामुराद, एक भेलूपुर और एक छत्तीसगढ़ में दर्ज था। जबकि सोनभद्र और मिर्जापुर में भी वह कई मामलों में वांछित था। दरेखू में वर्ष 2013 में हुई पन्ना मौर्या की हत्या के मामले में महेश जेल गया था और दो माह पहले ही छूटकर आया था।