घायलों अस्पताल में किया जा रहा इलाज
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जौनपुर इलाहाबाद रोड और दोपहर का समय। सड़क खाली थी। बस पर बैठे यात्री अपने घर तो कोई रिश्तेदारी में जाने के लिए सवार था। लेकिन चालक की एक गलती के कारण आठ लोगों की जानें चली गईं और 31 लोग घायल हो गए।
आरंभिक जांच से पता चला है कि बस की तेज स्पीड होने और चालक को झपकी आ जाने से ये भीषण हादसा हुआ और पल भर में सब कुछ बदल गया। कई लोगों ने इस दुनिया को छोड़ दिया तो कई ऐसे थे जो अनाथ हो गए।
इलाहाबाद के फूलपुर थाना क्षेत्र के नरई बाबूगंज निवासी अजय पटेल ने बताया कि वह बस में चालक के पीछे वाली सीट पर बैठा था। वह इलाहाबाद से जौनपुर काम से आ रहे थे। बस बरगुदर पुल के पास पहुंची थी, तभी चालक को नींद आ गई जिससे यह घटना घटी।
मुंगराबादशाहपुर निवासी उपासना सिंह ने बताया कि वह जौनपुर अपने चाचा के यहां आ रही थीं। बस बहुत तेज चल रही थी। कई लोगों ने चालक से बस को धीमी चलाने को कहा। लेकिन चालक ने यात्रियों की बातों को अनसुना कर दिया और अपनी धुन में बस को भगाता रहा। बस कैसे गिरी कुछ पता ही नही चला।
दुर्गा कुंड वाराणसी निवासी शिशुपाल भाष्कर पुत्र श्रीनाथ ने बताया कि इलाहाबाद से घर वापस आने के लिए वह बस में सवार हुए थे। दोपहर का समय होने के कारण बस की स्पीड तेज थी। चालक को नींद आ गई और यही हादसे का सबब बन गई।
कौशांबी के सराय थाना क्षेत्र के खोपा निवासी अजीत कुमार प्रजापति ने बताया कि वह चालक के बगलवाली सीट पर बैठा था। बस तेज गति से चल रही थी। बरगुदर पुल के पास पहुंची तभी चालक को झपकी आई और बस एक झटके से रेलिंग से टकराई उसके बाद क्या हुआ किसी को कुछ नहीं चला।