यूपी में विदेशी सैलानी सुरक्षित नहीं हैं। मिर्जापुर में फ्रांसीसी दल के साथ छेड़खानी और हिंसा का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि जापानी पर्यटक के साथ हुई वारदात ने काशी की ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा को फिर शर्मसार किया।
सारनाथ में मिले फर्जी गाइड ने जापानी पर्यटक को शराब में बेहोशी वाला नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया। इसके बाद पर्यटक के पास मौजूद 30 हजार से ज्यादा रुपये, आईफोन, पासपोर्ट, वीजा, ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक के कार्ड लेकर भाग निकला। पर्यटक को गुरुवार को मुगलसराय जीआरपी के जवान सिगरा थाने लेकर आए। सिगरा पुलिस ने रमीश खान के खिलाफ चोरी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है।
जापान के टोक्यो निवासी अकीहीरो टनाका आगरा से बस से बुधवार को कैंट बस अड्डे पहुंचे। यहां से सारनाथ गए। अकीहीरो ने बताया कि सारनाथ में उन्हें खुद को टूरिस्ट गाइड बताते हुए रमीश खान मिला।
उसने उन्हें सारनाथ घुमाया और फिर गंगा घाट ले आया। इस दौरान दोनों खासे घुल-मिल गए और दोनों ने घाट किनारे ही शराब पी। शाम हो जाने के बाद रमीश अकीहीरो को शास्त्री नगर में डिनर कराने के लिए लेकर चला। रास्ते में ही अकीहीरो को नींद आने लगी। फिर होश आने पर उन्होंने खुद को कैंट स्टेशन पर पाया और उनका सारा सामान गायब था।
उन्हें कोलकाता जाना था तो वे मुगलसराय रेलवे स्टेशन पहुंचे। मुगलसराय में जीआरपी के जवानों ने उनकी हालत ठीक नहीं देखी तो रोक लिया। गुरुवार को जीआरपी मुगलसराय के जवान अकीहीरो को लेकर सिगरा थाने पहुंचे।
अकीहीरो के अनुसार रमीश ने उन्हें शराब में बेहोश करने वाला कोई पदार्थ मिलाकर दिया था। इस संबंध में सिगरा थानाध्यक्ष ने बताया कि दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
अकीहीरो शाम को ट्रेन से नई दिल्ली रवाना हो गए हैं। दिल्ली में वे जापानी दूतावास की मदद से अपना पासपोर्ट और वीजा तैयार कराएंगे।