जेल कर्मियों और अपराधियों का गठजोड़ मंगलवार को फिर उजागर हुआ। बंदीरक्षक शिव कुमार सोनकर ने अपने मोबाइल से जिला कारागार में निरुद्ध शामली निवासी कुख्यात सागर मलिक की बात उसकी मां से कराई। इसके एवज में बंदीरक्षक ने सागर की मां से अपने खाते में 30 हजार रुपये जमा कराए। एसटीएफ ने सर्विलांस की मदद से बंदीरक्षक की करतूत का भंडाफोड़ किया तो आननफानन में जेल प्रशासन हरकत में आया।
शिव को निलंबित कर उसके खिलाफ जेलर ने कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, कार्रवाई की भनक लगते ही शिव भाग निकला है।
मुजफ्फरनगर की कचहरी में फरवरी, 2015 में पुलिस अभिरक्षा में कुख्यात विक्की त्यागी की हत्या कर दी गई थी। विक्की हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त सागर मालिक है।
मुकीम काला गिरोह का शार्प शूटर सागर लगभग दो साल से प्रशासनिक आधार पर जिला जेल में निरुद्ध है। बंदीरक्षक शिव प्रकाश सोनकर पर आरोप है कि उसने सागर की मां से अपने खाते में 30 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद सागर और उसकी मां की बातचीत अपने मोबाइल से कराई। इसे सर्विलांस की मदद से एसटीएफ ने ट्रैक कर लिया।
एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने बंदीरक्षक की करतूत की रिपोर्ट एडीजी जेल जीएल मीणा को दी। एडीजी के निर्देश पर बंदीरक्षक को निलंबित कर दिया गया। इस संबंध में जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. बीडी पांडेय ने बताया कि बंदीरक्षक के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इस बात की जांच कराई जा रही है कि जैमर लगे होने के बावजूद शिव ने सागर और उसकी मां की बातचीत कैसे कराई। वहीं, इंस्पेक्टर कैंट अबरार अहमद ने बताया कि बंदीरक्षक की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें लगाई गई हैं।
उधर, पुलिस का कहना था कि जेल की बैरकों के भीतर कुछ हिस्से ऐसे भी हैं जो जैमर की जद से बच जाते हैं। बंदीरक्षक ने वहीं पर सागर को ले जाकर उसकी मां से बात कराई होगी।