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दोस्त ने ही किया था छलनी

Fri, 15 Apr 2016 02:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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अर्दली बाजार क्षेत्र के महावीर मंदिर चौराहे पर बुधवार की रात हुई शिक्षक अभिनव सिंह की हत्या उनके करीबी दोस्त शिवपुर के मनोज राय ने की थी। रात में मनोज ने ही उन्हें फोन कर चौराहे पर बुलाया था। चौराहे पर पहुंचने के बाद अभिनव ने जैसे ही अपनी एसयूवी का शीशा उतारा, वैसे ही मनोज ने फायर कर दिया। बताया जाता है कि घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मनोज का एक साथी भी मौजूद था। अभिनव को गोलियों से छलनी करने के बाद मनोज उसके साथ भाग निकला। पुलिस की शुरुआती छानबीन में दोनों के बीच लेनदेन के विवाद का पता चला है।
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जौनपुर जिले के केराकत थाना क्षेत्र के बेहड़ा निवासी तारकेश्वर सिंह के पुत्र अभिनव (28) रामेश्वर राजकीय इंटर कॉलेज में बतौर प्रवक्ता नियुक्त थे। अभिनव अपने माता-पिता के साथ शिवपुर के खुशहाल नगर इलाके में रहते थे। लेकिन, पिछले चार दिनों से वह विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी में अपने चाचा संजय सिंह के यहां ठहरे थे। बुधवार की शाम से ही अभिनव के मोबाइल पर लगातार शिवपुर के उंदी, जयपार गांव निवासी मनोज राय का फोन आ रहा था। मनोज के ही फोन पर अभिनव रात करीब साढ़े दस बजे अपनी एसयूवी गाड़ी लेकर विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी से महावीर मंदिर के लिए निकले। चौराहे पर पहुंचते ही मनोज ने उन पर फायर कर दिया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्हें सीना, सिर समेत अन्य हिस्सों में पांच गोलियां मारी गई थीं। अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस कातिल का सुराग लगाने में जुटी थी। तफ्तीश में मनोज का नाम सामने आने के बाद उसकी तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। पुलिस की मानें तो दोनों अच्छे दोस्त थे। जमीन के एक प्लाट को लेकर दोनों में विवाद चल रहा था। पैसे को लेकर भी दोनों में विवाद की जानकारी सामने आई है।


महावीर मंदिर चौराहे पर मनोज से आमना-सामना होने के बाद अभिनव ने खतरा भांप लिया था। मनोज के हाथ में पिस्टल देख वह गाड़ी घुमा कर भागना चाहते थे लेकिन इसका मौका नहीं मिला। गोली लगने के बाद उन्होंने अपने मोबाइल से फोन मिलाने का प्रयास भी किया था लेकिन ऐसा नहीं कर सके। गाड़ी में अभिनव के हाथ में मोबाइल था। यह जानकारी पुलिस को घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से मिली। पुलिस आसपास की दूकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इससे कुछ जानकारियां मिली हैं।
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अभिनव सिंह और मनोज दोनों अच्छे दोस्त थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मनोज अक्सर रात में अभिनव के खुशहाल नगर स्थित घर पर ही रुक जाता था। दोनों के बीच पारिवारिक रिश्ते थे। दोनों के बीच अचानक ऐसा क्या हो गया कि दोस्ती दुश्मनी में बदल गई, इसे लेकर पुलिस भी परेशान है। मनोज पर शिवपुर थाने में लूट, छिनैती समेत कई मुकदमे दर्ज हैं।


अभिनव के मोबाइल पर आई आखिरी कॉल एमएनएन नाम से सेव थी। बताया जा रह है यह नंबर मनोज का था। चर्चा यह भी है कि अभिनव को किसी और ने फोन करके बुलाया था। वहां उनका सामना मनोज से हो गया। अभिनव से अगर मनोज का विवाद था तो वह उसके बुलाने पर नहीं जाते। आशंका यह भी है कि मनोज ने अभिनव को धमकी दी थी। जिससे वह चाचा संजय के घर रह रहे थे।


तारकेश्वर सिंह के दो बेटों में अभिनव छोटे थे। बड़ा बेटा परिवार के साथ मुंबई रहता है। पिछले दो महीने से अभिनव की शादी की बातचीत चल रही थी। घर और रिश्तेदारी के लोग तैयारियों में जुटे थे। हालांकि शादी की तारीख अभी तय नहीं हुई थी। अभिनव की मौत के बाद से सभी गहरे सदमे में हैं। कई रिश्तेदारों को गुरुवार की सुबह अखबार के जरिये घटना की जानकारी हुई। दोपहर होने तक बीएचयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर बड़ी संख्या में लोग जुट चुके थे। हर कोई अचानक हुई इस वारदात को लेकर स्तब्ध था।
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