जौनपुर के केराकत थाने में तैनात दरोगा ललित कुमार सिंह को रिश्वत के 20 हजार रुपये के साथ सोमवार को भ्रष्टाचार निवारण विभाग की टीम ने शिवपुर के कादीपुर स्थित एक मकान से रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। दरोगा एक मामले में एक महिला और उसकी तीन बेटियों को फंसाने की धमकी दे रहा था। उसका कहना था कि यदि 50 हजार रुपये नहीं मिले तो 26 अप्रैल को उसकी बेटी को शादी के मंडप से उठा ले जाएगा। घबराई महिला ने भ्रष्टाचार निवारण विभाग से गुहार लगाई थी। बता दें कि गिरफ्तार दरोगा को हाल ही में कांस्टेबल से एएसआई के पद पर पदोन्नति मिली थी। वह मिर्जापुर के विंध्याचल का रहने वाला है।
मामले के अनुसार जिस महिला की शिकायत पर दरोगा ललित कुमार सिंह पकड़ा गया वह दो वर्ष पहले जौनपुर के केराकत में अपनी बेटियों के साथ रहती थीं। उसी दौरान पड़ोस के दो युवकों ने उनकी दो बेटियों से छेड़खानी की। मुकदमा दर्ज हुआ तो दोनों आरोपी जेल चले गए। जमानत पर रिहा होने के बाद दोनों आरोपी आए दिन मुकदमा वापस लेने की धमकी देने लगे तो महिला अपनी बेटियों को लेकर पति के पास शिवपुर के कादीपुर में रहने लगीं। उसके पति की कादीपुर में परचून की दूकान है। बात बनती न देख महिला और उनकी बेटियों को फंसाने के लिए दोनों आरोपियों ने उनके खिलाफ अपनी नौकरानी की बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया।
इसकी विवेचना दरोगा ललित कुमार सिंह को मिली। आरोप है कि विवेचना के दौरान ललित ने महिला से कहा कि 50 हजार रुपये दो नहीं तो तुम्हें और तुम्हारी बेटियों को जेल भेज दूंगा। इसी बीच दरोगा को पता चला कि महिला की एक बेटी का विवाह 26 अप्रैल को है। तो उसने महिला को फोन कर कहा कि अगर रुपये नहीं मिले तो तुम्हारी बेटी को मंडप से उठा ले जाऊंगा। यह सुनकर घबराई महिला अपने पति के साथ भ्रष्टाचार निवारण विभाग के इंस्पेक्टर राम सागर से मिलीं। इंस्पेक्टर राम सागर के कहने पर महिला ने दरोगा को फोन किया कि सोमवार को घर आकर 20 हजार ले लीजिए और बाकी रुपये शादी के बाद दे दूंगी। दरोगा ने जब आने की पुष्टि की तो भ्रष्टाचार निवारण विभाग ने केमिकल लगाकर रुपये महिला को थमा दिए।
सोमवार की दोपहर दरोगा सादे कपड़े में असलहे से लैस होकर महिला के पति की दूकान पर पहुंचा। वह महिला से रुपये लेकर गिन ही रहा था कि भ्रष्टाचार निवारण विभाग की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसका हाथ धुलाया गया तो नोट में केमिकल लगे होने के कारण उसकी हथेली लाल हो गई। दरोगा को शिवपुर पुलिस को सौंपकर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दरोगा की रिवाल्वर जब्त कर उसे जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर सरोज पांडेय, जीबी जोशी शामिल रहे।