तलहटी पर कब्जा करने के लिए कटवा दी गई थी घनी वृक्षावली
- फोटो : अमर उजाला
डीएम आवास के पीछे भीम नगर में वरुणा नदी की तलहटी पाट कर कब्जा करने वाले होटल और शराब कारोबारी हीरालाल जायसवाल को 36 लाख रुपये जुर्माने का नोटिस जारी कर दिया गया है। राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कराकर जमीन कब्जाने, मिट्टी का अवैध खनन कर नदी की तलहटी पाटने और वहां की घनी वृक्षावली कटवाने पर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई प्रशासन ने की है। ‘अमर उजाला’ ने इस मसले को प्रमुखता से उठाया था।
जमीन विनियमन का आदेश पहले ही रद्द किया जा चुका है। विनियमन का आदेश देने वाले अपर एसडीएम के न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों पर रोक लगाने के साथ उनके निलंबन की संस्तुति शासन से की जा चुकी है।
36 लाख रुपये जुर्माने की ताजा कार्रवाई पूर्व एसीएम चतुर्थ त्रिभुवन के मौका-मुआयना के बाद प्रशासन और खनन विभाग की जांच में आरोपों की जांच में पुष्टि के बाद की गई है।
जुर्माने की निर्धारित रकम में छह लाख रुपये वृक्षावली काटने की रॉयल्टी के तौर पर जमा कराई जाएगी।
मामले में सोमवार को त्रिभुवन ने भीम नगर में पाटी गई तलहटी का मौका-मुआयना किया था। जिला खनन अधिकारी अनिल कुमार सिंह के आकलन के बाद जुर्माने का निर्धारण कर सोमवार की रात में ही नोटिस जारी कर दिया गया।
रिलीव हो चुके एसीएम त्रिभुवन ने बताया कि नदी किनारे जमीन पाटने के लिए मिट्टी अवैध खनन कर लाई गई है। नदी के जितने क्षेत्र को पाटा गया है, खनन विभाग की ओर से उसका आकलन कर नोटिस दिया गया है।
बता दें कि नदी किनारे किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित है। बावजूद इसके तलहटी पाट कर नदी किनारे बाउंड्री खड़ी कर दी गई। इस दौरान कई पेड़ भी कटवा दिए गए। त्रिभुवन ने माना कि संबंधित विभागों की संलिप्तता के बिना ऐसा नहीं किया जा सकता था।
इस बारे में नवागत एसीएम रामसकल ने कहा कि वह पूरे मामले को समझेंगे। पूर्व एसीएम ने जिन तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की है, उसी आलोक में जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।