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हिस्ट्रीशीटर डबल मर्डर केस का हुआ खुलासा, अपनों ने ही रुचि को इस वजह से उतारा मौत के घाट

Wed, 26 Jun 2019 04:09 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हिस्ट्रीशीटर और महिला के डबल मर्डर केस का खुलासा हो गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ कर जेल भेज दिया। पूछताछ में जो भी खुलासा हुआ उसे आधार मानते हुए ही पुलिस ने जांच शुरू की थी और शक सही निकला।

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एसएसपी आनंद कुलकर्णी के अनुसार, क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह की जांच में सामने आया कि प्रकाश के पिता पांच भाई थे। तीन नि:संतान थे और दो के वारिस प्रकाश व रुचि थे। पांचों भाइयों की जमीन प्रकाश और रुचि में बराबर बटनी चाहिए थी।

तीन साल पहले रुचि के पति की मौत हो गई तो वह हरेंद्र के करीब आ गई और छह बीघा जमीन पर कब्जा करा लिया। प्रकाश के पास डेढ़ बीघा जमीन ही बची। इधर, प्रकाश ने रुचि की सास मुन्नी देवी और चाचा त्रिभुवन की जमीन मौसा विनोद के कहने पर बासू के नाम सट्टा कर दिया था।
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चाचा लक्ष्मी नारायण की जमीन का पट्टा अपने नाम कराया, मगर हरेंद्र के डर से कब्जा नहीं कर पाया। विनोद और बासू ने प्रकाश से कहा था कि जमीन पर कब्जा नहीं मिला तो उसे रुपये नहीं देंगे। इससे परेशान प्रकाश ने रुचि और हरेंद्र को रास्ते से हटाने की सोची।

हिस्ट्रीशीटर और महिला की लाश (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
पैसे का लालच देकर विनोद व दोस्त सोहन को साथ लिया। प्रकाश के अनुसार, 20 जून की सुबह वह बासू के घर गया तो उसने .30 बोर की पिस्टल, पांच कारतूस और 25 हजार रुपये दिए। बासू ने बताया कि वह बंगलूरू जा रहा है और उसके लौटने तक रुचि व हरेंद्र रास्ते से हट जाएंगे तो वह पूरा पैसा दे देगा।

प्रकाश ने बताया कि वह पांडेयपुर गया था। इसी दौरान सोहन ने बताया कि हरेंद्र और रुचि सट्टा की गई जमीन जुतवा रहे हैं। इस पर प्रकाश लौट कर जगतपुर आया। देर रात जब आंगन में रुचि और हरेंद्र सो गए तो प्रकाश, उसका मौसा और दोस्त चहारदीवारी कूदकर आए और दोनों को गोली मार दी। 
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गिरफ्तारी करने वाली टीम को इनाम

मौके पर पहुंचे एसपी और बरामद खोखा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया वारदात का खुलासा एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र, एसपी ग्रामीण एमपी सिंह और सीओ सदर सत्येंद्र तिवारी के नेतृृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, इंस्पेक्टर रोहनिया परशुराम त्रिपाठी, एसआई प्रदीप यादव, सुमंत सिंह, पुनदेव सिंह, रामभवन यादव, सुरेंद्र मौर्या, घनश्याम वर्मा, रामबाबू, कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह और सुनील राय आदि की टीम ने किया। टीम को 25 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही आईजी और एडीजी जोन से पुरस्कृत कराने के लिए संस्तुति की जाएगी।
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