छात्रा के अनुसार, जिला पुलिस के रवैये से क्षुब्ध होकर वह अपने शहर लौट आई है। अब वह लखनऊ जाकर पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों के साथ ही मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाएगी। उधर, इस संबंध में पूछे जाने पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि पुलिस की जांच जारी है। तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर मामले में प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी की पत्नी ने मदद की तो उन्हें भी किया गया परेशान
छात्रा के अनुसार, उसने इस प्रकरण में आरोपी इंस्पेक्टर की पत्नी से मदद मांगी। इंस्पेक्टर की पत्नी मेरठ में पुलिस विभाग में तैनात हैं। वह मदद करने उसके साथ आईं तो उन्हें बनारस की पुलिस की शह पर विभाग से ही परेशान किया जाने लगा।
कैंट रेलवे स्टेशन के सामने जिस होटल में वह ठहरी थी, वहां साक्ष्य नष्ट किए गए। कोशिश की जा रही है कि वारदात से संबंधित साक्ष्य नष्ट हो जाएं और वह परेशान हो। कितनी भी कोशिश कर ली जाए, उसकी हिम्मत नहीं टूटेगी। न्याय के लिए वह पूरी ताकत के साथ संघर्ष करेगी।