जमानिया कोतवाली क्षेत्र के गायघाट जाने वाली सड़क पर 12 दिन पहले विवाहिता की हत्या कर फेंके गए शव और शव के पास मिले मासूम के मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा दी। पुलिस के मुताबिक पति ने ही अपनी पत्नी की चाकू गोंदकर हत्या कर दी थी ।
साथ ही सात साल के बेटे को शव के पास छोड़कर फरार हो गया। मां का शव देखकर बेटे की हालत खराब हो गई, उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। बुधवार को एसपी सुभाष चंद्र दूबे ने एसपी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान घटना का खुलासा किया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बुधवार की सुबह सात बजे मुखबिर से थानाध्यक्ष कृष्ण प्रताप सिंह और क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली की बीते सात अप्रैल को गायघाट जाने वाली सड़क पर मृत विवाहिता रेनू यादव और सात साल के मासूम अर्पित की हत्या करने वाला एक व्यक्ति जमानिया रेलवे स्टेशन से कोई ट्रेन पकड़कर भागने के फिराक में है।
पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम तत्काल जमानिया रेलवे स्टेशन के पास पहुंचकर घेराबंदी कर दी, और फिर पुलिस कर्मियों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। एसपी ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम बिहार प्रांत के कैमूर जिला स्थित कुदरा थाना क्षेत्र के बहुआरा निवासी पप्पू सिंह यादव बताया।
पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वर्ष 2000 में रेनू यादव के साथ उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद घर वालों ने अलग कर दिया था। तब से अपनी पत्नी के साथ जमानिया कोतवाली के नयी बाजार अपने ससुराल में रहता था। इस दौरान गलत संगत और नशा का आदी हो चुका था। इसे लेकर पत्नी रेनू यादव हमेशा विरोध करती थी। जिसे लेकर आए दिन पत्नी रेनू यादव से झगड़ा होता रहता था।
आरोपी पति ने पुलिस को बताया कि बीते सात अप्रैल को पत्नी रेनू यादव और पुत्र अर्पित को बाइक से लेकर दवा के बहाने बिहार प्रांत के काशी दास बाबा के मंदिर गया था। देर शाम वहां से वापस लौटते समय गायघाट जाने वाले रोड पर चाकू से मारकर पत्नी की हत्या कर दिया और चाकू वहीं फेंक दिया।
वाराणसी के पुलिस उप महानिरीक्षक ने उत्साहवर्धन के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम को 12 हजार रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। सफलता पाने वाली टीम में क्राइम ब्रांच टीम के प्रभारी शिवानंद मिश्रा, ओमकार तिवारी, विपिन कुमार, कृष्ण कुमार, यशवंत सिंह मौजूद थे।