उनसे कहा गया कि पूनिया का यूपीआई अकाउंट फुल हो गया है। अब सिर्फ गेटवे लिंक से पेमेंट लिया जाएगा। मुझे लिंक भेजा गया। भुक्तभोगी ने बताया कि हमने चार अलग-अलग गेटवे लिंक के माध्यम से ट्रांजेक्शन कर टोटल 90 हजार रुपया ट्रांसफर किया।
पेमेंट देने के बाद जब मैंने क्रिप्टो करेंसी (USDT) की मांग की तो उधर से बोला गया कि आपका पेमेंट वेरीफाई किया जा रहा है। मुझे 24 घंटा इंतजार करने के लिए कहा गया। जब मैंने पुनः संपर्क किया तो कहा गया कि अभी आपकी राशि नहीं मिली है।
यह सुन पीड़ित के होश उड़ गए। भुक्तभोगी नेमिर्जामुराद थाने पहुंच अजय और कपिल पुनिया के खिलाफ भारती न्याय संगीता बीएनएस की धारा 318 (4) 316 (2) के तहत मुकदमा दर्ज कराया। इस बाबत पूछे जाने पर मिर्जामुराद थाना प्रभारी ने बताया कि साइबर क्राइम संबंधी मुकदमा दर्ज कर पुलिस कार्रवाई में जुटी है।