वन कर्मी के मौत की खबर लगते ही महकमे में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के निर्देश पर लोगों को सावधानी बरतने की ध्वनीप्रचारक यंत्र से हिदायत दी जाने लगी। भटके हाथियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे की मदद से जंगलों में निगरानी रखी जा रही है। इसी बीच गोभा गांव के एक किसान के बैल को भी एक हाथी ने जद में ले लिया, जिससे बैल की भी मौत हो गई।
ननियागढ़, और बईरहवा सहित गोभा गांव में हाथियों के झुंड ने दर्जनों लोगों के खपरैल वाले घर, तीन सेड को भी तहस नहस कर दिया है। किसानों की फसल अरहर, धान, मक्का, तिल्ली, उर्द, केला, आदि जो भी सामने दिखाई दिया, सब के सब उजड़े चमन में तब्दील हो गए।
हाथियों के डर से ग्रामीण समूचे दिन घरों में दुबके रहे डर के मारे बच्चे दिन में स्कूल नही गए। लोग फोन पर वन बिभाग और जिला प्रशासन को पल पल की जानकारी देते रहे खबर लिखे जाने तक गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
वन बिभाग के कर्मचारी हाथियों को छतीसगढ की सीमा में प्रवेश कराने के लिए रात दिन ढोल नगाड़े, से आवाज कर जगह-जगह आग जला कर भगाने के लिए प्रयास में लगे रहे।