इसी तरह ग्राम पंचायत खैरा में लोहार तलिया संपर्क मार्ग से कवरिया संपर्क मार्ग का निर्माण तीन लाख 55 हजार रुपये में होना था लेकिन इस मार्ग पर भी 19 लाख 96 हजार रुपये खर्च कर दिया गया। इसी तरह खुटहां में आरजी रोड से खुटहा पंप तहसील संपर्क मार्ग पर एक लाख 36 हजार रुपये के निर्माण की जगह उससे अधिक छह लाख 15 हजार रुपये खर्च किया गया।
इस तरह मनरेगा योजना के तहत संपर्क मार्गों में वित्तीय स्वीकृति की सीमा से अधिक धन बिना कार्य कराए ही व्यय कर दिया गया। तहरीर में कहा गया है कि यह दुरुपयोग भ्रष्टाचार की श्रेणी में है। तीन कार्यां के लिए 12.1 लाख रुपये स्वीकृत था। करीब 56.27 लाख रुपये धन खर्च कर दिया गया।
इस तरह 44.26 लाख रुपये के शासकीय धन का गबन किया गया है। यह प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की संलिप्तता पाई गई है। बीडीओ की तहरीर पर पुलिस ने पीडब्ल्यूडी के खंड दो के तत्कालीन एक्सईएन हीरामणी वर्मा, खंडीय लेखाधिकारी जितेंद्र चौधरी, वरिष्ठ सहायक मनरेगा लिपिक संतोष कुमार यादव व आपरेटर आउट सोर्सिंग भागीरथी चौहान के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज किया है।