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आजमगढ़ में फरार अपराधी और पुलिस के बीच मुठभेड़, एसपी घायल

Thu, 20 Jul 2017 12:13 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
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घायल एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप - फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बागलखराव पुल के पास बुधवार की अहले सुबह पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में गोली लगने से घायल एक लाख रुपये ईनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि उसका साथी फरार हो गया।
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बदमाशों की गोली से एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह भी घायल हो गए। जबकि बुलेटप्रुफ जैकेट में गोली फंस जाने से एसपी अजय साहनी बाल-बाल बच गए। घायल बदमाश को जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर किया गया है।  जबकि एसपी ग्रामीण का शहर के निजी डाक्टर की देखरेख में इलाज हो रहा है।

गिरफ्तार बदमाश के पास से प्रतिबंधित नाइन एमएम की पिस्टल, लूट की बाइक और रुपये बरामद हुए। पकड़ में आया यह  वही बदमाश है जो मंगलवार की शाम पेशी से पर जाते  समय चार पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। बदमाश का नाम भीम उर्फ सागर है। वह गंभीरपुर थाना क्षेत्र के उबारपुर गांव का निवासी है।
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एसओ बरदह सुरेश चंद सोमवार की शाम पांच बजे अवदह गांव के पास से भीम उर्फ सागर और उसके साथी बरदह थाना क्षेत्र के नरवें गांव निवासी संतोष भारती को गिरफ्तार किया था। इनके पास से दो तमंचा और लूट के कुछ रुपये बरामद हुए थे। पुलिस ने मंगलवार को दोनों का चालान कर दिया। बरदह थाने के चार सिपाही इन्हें न्यायालय में पेश करने ले जा रहे थे।

तभी नरौली मुहल्ले में भीम उर्फ सागर शौच करने की बात कही तो दो सिपाही उसे हथकड़ी लगाकर तमसा नदी पुल से नीचे उतरे। वह सिपाहियों को चकमा देकर भाग गया। भीम के गिरफ्तारी के लिए पुरे जिले में सघन तलाशी अभियान शुरू हो गया। इसीबीच रात करीब साढ़े दस बजे निजामाबाद थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी प्रदीप यादव अपनी बाइक से शहर आ रहा था।

सिधारी थाने के भदुली पुल के पास एक बाइक पर सवार दो बदमाश उसे असलहे से भयभीत कर बाइक, दो मोबाइल और तीन सौ रुपये लूट लिए। घटना के बाद प्रदीप ने डायल 100 पुलिस को सूचना दी। लूटकर बदमाश के भागने की सूचना पर पुलिस और चौकन्ना हो गई।

सुबह करीब तीन बजे एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह बिलरियागंज की तरफ से शहर लौट रहे थे। शहर के बाइपास पर एक बाइक पर सवार दो बदमाश दिखे तो पुलिस ने रुकने का इशारा किया। 

....और जब एसपी ने घेरा तो चलाने लगे गोली

घायल बदमाश - फोटो : अमर उजाला
पुलिस को  देख बदमाश भागने लगे लेकिन सामने से एसपी अजय साहनी की गाड़ी आते देख बदमाश अपनी बाइक बागलखराव पुल की तरफ मुड़ गए और बाइक खड़ी कर पुल के नीचे छिपने लगे। तभी पुलिस पहुंच गई।

पुलिस को देख बदमाशों ने फायर किया। गोली एसपी ग्रामीण के बाएं कंधे को छीलते हुए निकल गई। जबकि दूसरी गोली एसपी के बुलेटप्रुफ जैकेट में फंस गई।

बदमाशो के इस दुस्साहस को देखते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई। इसमें पुलिस की गोली से भीम उर्फ सागर घायल हो गया। उसके दोनों पैर और कमर में करीब पांच गोलियां लगी है। गोली से घायल भीम को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि साथी राकेश पासी फरार हो गया।

भीम के पास से प्रतिबंधित नाइन एमएम की पिस्टल, लूटी गई बाइक और तीन सौ रुपये बरामद हुए। एसपी ने बताया कि भीम के ऊपर दिल्ली के आदर्शनगर थाने की पुलिस की तरफ से एक लाख रुपये का ईनाम घोषित है। 
 
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जमानत न होने के भय से हुआ था फरार

मुठभेड़ स्थल का मुआयना करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
बुधवार की भोर में हुई मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार एक लाख के ईनामी बदमाश भीम उर्फ सागर ने बताया कि दिल्ली से वह वांटेड था। इसलिए वह छिपकर रह रहा था। यदि वह जेल चला जाता तो शायद उसकी जमानत नहीं हो पाती। इसलिए उसके साथी राकेश पासी ने योजना बनाई।

जिसके तहत वह नरौली पुल के पास शौच करने का बहाना बनाकर भागा। पुल के पास राकेश पासी बाइक लेकर खड़ा था। दोनों एक बाइक पर सवार होकर भाग गए और परिचित के घर पहुंचकर हथकड़ी कटवाया। इनकी कहीं भागने की योजना थी लेकिन उससे पहले ही मुठभेड़ के दौरान भीम को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि राकेश फरार है। 

एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक भीम उर्फ सागर के विरुद्ध दिल्ली, आजमगढ़ और जौनपुर जिले में लूट और हत्या के करीब 48 मुकदमे दर्ज हैं। यह ज्यादातर घटनाएं दिल्ली क्षेत्र में करता था। नवंबर 2016 में भीम उर्फ सागर अपने कुछ साथियों संग दिल्ली के आदर्श नगर थाना क्षेत्र में किसी व्यापारी से 18 लाख रुपये की लूट किया।

भीम की गिरफ्तारी न होने पर भीम पर एक लाख रुपये का ईनाम घोषित कर दिया गया। दिल्ली से वांटेड भीम उर्फ सागर अपने घर चला आया और गुमनामी में रहने लगा। घर आने के बाद जेब खर्च चलना मुश्किल हो गया तो जौनपुर और आजमगढ़ क्षेत्र में लूट की तीन घटनाओं को अंजाम दिया।

लेकिन नया होने की वजह से इसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। सोमवार को बरदह थाने की पुलिस के हत्थे चढ़ जाने के बाद भीम को यह भय सताने लगा कि यदि वह जेल चला गया तो उसकी फिर जमानत नहीं होगी और यदि यहां से छुट भी गया तो दिल्ली पुलिस पकड़ लेगी।

इसी भय के चलते भीम के साथी राकेश पासी ने योजना बनाई। योजना के तहत वह जैसे ही नरौली टैक्सी स्टैंड पर पहुंचा तो शौच का बहाना बनाया। पुलिसवाले भी इसे हल्के में लिया और लापरवाही पूर्वक नदी के किनारे उतार दिया।

शर्म के चलते पुलिसवाले ढीले पड़ गए और इसका फायदा भीम ने उठाया। घटना स्थल से कुछ दूर पर राकेश बाइक लेकर खड़ा था। जिस पर बैठकर वह भाग गया और एक परिचित के यहां हथकड़ी कटवाकर कहीं भागने की फिराक में था। इससे पहले पकड़ लिया गया। 
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