वेरीफिकेशन के नाम पर तथाकथित फर्जी आरबीआई के बैंक खातों में पीडि़त से उसका सारा पैसा डलवा लिया जाता है फिर अपने विदेशी साइबर अपराधियों के माध्यम से उक्त पैसों को तमाम बैंक खातों में ट्रांसफर करते हुए क्रिप्टो करेंसी आदि के माध्यम से कैश निकाल लिया जाता है और अपने कार्य के अनुसार हिस्सा बांट लिया जाता है।
सिगरा थाना क्षेत्र के महमूरगंज शिवाजी नगर के कृष्णा अपार्टमेंट निवासी पीड़ित सुभाष चंद्रा को 13 मई 2025 को साइबर अपराधियों ने फर्जी ट्राई व सीबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाते हुए 49.40 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी।
विवेचना निरीक्षक गोपालजी कुशवाहा ने जांच के दौरान बैंक एकाउंट और मोबाइल नंबर के जरिए आरोपियों तक पहुंचे। गिरफ्तारी टीम में एसआई संजीव कनौजिया, एएसआई श्यामलाल गुप्ता, पृथ्वीराज सिंह और अंकित प्रजापति आदि रहे।