जौनपुर और मिर्जापुर में सोमवार को ट्रैक पर बोल्डर रखकर रेलगाड़ियों को गिराने का प्रयास किया गया लेकिन सजग चालकों ने समय रहते ट्रेन में ब्रेक लगा दिया जिससे बड़ा हादसा टल गया।
उत्तर रेलवे के डीआरएम अनिल कुमार लाहोटी ने बताया कि वाराणसी-जफराबाद सेक्शन पर जलालगंज और सिरकोनी स्टेशनों के बीच सई नदी पड़ती है। इस नदी पर बने पुल से ठीक पहले ट्रैक पर कई बोल्डर रख दिए गए थे।
शाम सात बजे इस रास्ते से मालगाड़ी गुजर रही थी, तभी चालक ने बोल्डर देख तुरंत ब्रेक लगा दिया जिससे बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने बताया कि आरपीएफ मामले की जांच कर रही है।
#Alert driver averts accident:- Today @ 19 hrs, driver of goods train dn bxn 23255 while approaching bridge 1/3
@GM_NRly @RailwayNorthern— Anil kumar Lahoti (@drmlko25) February 6, 2017
उधर, मिर्जापुर जिले में चुनार और कैलहट के बीच में एक युवक ने सोमवार सुबह रेलवे लाइन पर बोल्डर रखकर मालगाड़ी को गिराने का प्रयास किया। सेना की वर्दी पहने आरोपी को आरपीएफ ने गिरफ्तार कर लिया।
आरपीएफ ने आरोपी को किया गिरफ्तार
टूटी पटरी से कई ट्रेनें गुजर गईं।
कैलहट से चुनार के बीच में पोल संख्या 697/2018 के पास डाउन लाइन पर एक युवक बोल्डर रखकर भाग रहा था। उसी दौरान सुबह नौ बजकर दस मिनट पर दिल्ली से वर्धमान जा रही मालगाड़ी पहुंची तो बोल्डर से इंजन टकरा गया।
चालक ने इसकी सूचना कैलहट रेलवे स्टेशन अधीक्षक छांगुर राम को दी और बोल्डर रखने वाले युवक का हुलिया भी बताया। स्टेशन अधीक्षक ने आरपीएफ चुनार को दी। इसके बाद आरपीएफ ने आरोपी युवक की तलाश कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कड़ी पूछताछ में उसने ट्रैक पर बोल्डर रखने की बात स्वीकार की, लेकिन बोल्डर क्यों रखा, यह नहीं बताया। आरोपी कोतवाली चुनार के भरेहठा निवासी राम किशोर पुत्र जुगुल किशोर ने बताया कि उसका भाई सेना में नौकरी करता है।
वह उसी की वर्दी पहने था। आरपीएफ ने आरोपी के विरुद्ध यात्रियों की जान जोखिम में डालने और सिग्नल को नुकसान पहुंचाने समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया।