राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम करीब दो साल पूर्व फर्जी आदेशपत्र बनाकर बलिया के जिलाधिकारी और प्रशासन को देने के मामले में सीबीआई टीम शुक्रवार को जिले में पहुंची। जांच एजेंसी ने प्रकरण की जांच के संबंध में शहर के कुछ साइबर कैफे पर छापेमारी कर संचालकों से पूछताछ की।
इस मामले का मुख्य आरोपी पहले ही जिला कारागार में बंद है। शहर के रोडवेज स्थित ओवर ब्रिज के नीचे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने संबंधी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री द्वारा जारी आदेश पत्र जिलाधिकारी को सौंपा गया था।
इस पत्र की जब जांच की गई तो वह पत्र ही फर्जी निकला। इसकी भनक जब पीएमओ कार्यालय को हुई तो वहां से इसकी जांच कराई गई। जांच में पता चला कि पत्र जिले से ही जारी हुआ है।
मामले का मुख्य आरोपी करीब डेढ़ साल पूर्व फर्जी मानवाधिकार का अधिकारी बन वसूली करते हुए चितबड़ागांव थाने के पास पकड़ा गया था। उधर, फर्जी पत्र की जांच के मामले में सीबीआई की टीम शुक्रवार को शहर में पहुंची तथा आरोपी के भाई को हिरासत में लेकर कुछ साइबर कैफे पर छापेमारी की।
टीम यह पता लगाने की कोशिश में थी कि आरोपी द्वारा जो फर्जी आदेश पत्र बनवाया था, वह किस साइबर कैफे से ही निकाला गया है। इस संबंध में संचालकों से पूछताछ भी की तथा उनके कंप्यूटर भी खंगाले। शहर में साइबर कैफे पर सीबीआई टीम के छापेमारी से दिनभर हड़कंप की स्थिति बनी रही।