इससे पहले वृंदा करात और सुभाषिनी अली पार्टी नेताओं के साथ सुबह साढ़े 11 बजे उभ्भा गांव पहुंची। वहां वह डेढ़ घंटे तक रहीं। प्राथमिक विद्यालय के पास और घर जाकर मृतक के परिजनों, घायलों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। शासन से मिलने वाली सहायता के बारे में भी जानकारी की।
इस दौरान मृतक रामसुंदर की पत्नी सीता, मृतक अशोक की पत्नी लालदेई आदि ने अपना दर्द बयां किया। यहां के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया। रामपति, कैलाश, रामलाल आदि ने बताया कि 17 जुलाई को जिस जमीन को लेकर गोलीकांड हुआ, उसे वे लोग पिता-दादा के जमाने से तीन पीढ़ियों से जोत कोड़ रहे हैं।
पीड़ितों ने बताया कि प्रधान पक्ष के सैकड़ों लोग 32 ट्रैक्टर और असलहों के बल पर जमीन कब्जा कर रहे थे, जिसका गोंड़ समुदाय के लोगों ने विरोध किया। इस पर प्रधान पक्ष के लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग कर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो दर्जन लोग घायल हो गए।