निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत को रद्दकर ट्रांजिट रिमांड दिए जाने की मांग की। दूसरी तरफ से पैरवी कर रहे प्राइवेट कौंसिल अरुण कुमार सिंह और रशीद अहमद ने विरोध किया। शाहिद बद्र को सीजेएम कोर्ट से एक सप्ताह के अंदर गुजरात के भुज कक्ष की अदालत में हाजिर होने के आदेश के अनुसार वह गुजरात चले गए हैं।
इस दौरान अभियोजन पक्ष ने कुछ कागजात और दाखिल करने का समय मांगा। इस पर बचाव पक्ष की तरफ से कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई। बुधवार को अगली कार्रवाई की तिथि तय की गई।