चांदी की पांच शहनाइयां चुराने का मामला
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भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की शहनाई चुराने के आरोपी उनके पोते नजरे हसन उर्फ शादाब की जमानत कोर्ट ने नामंजूर कर दिया है।
शुक्रवार को जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अपर जिला जज द्वितीय डीसी सामंत की अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
अभियोजन के एडीजीसी रोहित मौर्या के अनुसार चौक के उस्ताद के बेटे और चाहमामा निवासी वादी काजिम हुसैन ने पांच दिसंबर, 2016 को चौक थाने पर तहरीर दी थी।
तहरीर में कहा गया था कि वह 30 नवंबर, 2016 को मुहर्रम के दौरान भीखाशाह गली सराय हड़हा स्थित पुश्तैनी मकान चले गए थे। पांच दिसंबर को लौटे तो घर का मेन गेट खुला था।
उनके कमरे का दरवाजा व उसमें रखा ट्रंक भी खुला था। ट्रंक में रखी उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की चांदी की पांच शहनाई, सोने के दो कंगन और चांदी की एक इनामी तश्तरी गायब थी।
चौक पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी। एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने जांच के दौरान चोरी के आरोपी नजरे हसन के साथ ही शहनाई को गलाकर उसकी चांदी निकालने वाले सर्राफ पिता-पुत्र सुजीत सेठ व शंकर लाल सेठ को गिरफ्तार किया था।